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महात्मा गांधी कॉलेज में 40 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण, एबीवीपी ने किया प्रदर्शन

रतलाम

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Newsdesk

Aug 12, 2026

datia news

datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

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जावद। स्थानीय महात्मा गांधी कॉलेज में परीक्षा मूल्यांकन में एक बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से संबद्ध बीकॉम प्रथम वर्ष के 40 से अधिक छात्रों को इंग्लिश लैंग्वेज और कॉर्स्ट अकांउटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शून्य अंक देकर एक साथ फेल कर दिया गया है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के एक ही विषय में शून्य अंक आने से छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया है।

इस मामले को लेकर अखिल एबीवीपी जावद इकाई और पीड़ित छात्रों ने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया।



पीड़ित छात्र अमन माली का आरोप है कि उन्होंने अपनी परीक्षाएं पूरी तैयारी के साथ दी थीं और उनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी अच्छी गई थीं। इसके बावजूद, परिणाम में सीधे शून्य अंक थमा दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। यह सीधे तौर पर कॉलेज प्रशासन और विक्रम विश्वविद्यालय की जांच व मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की इस घोर लापरवाही से उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष खराब हो रहा है और उनका करियर अधर में लटक गया है।



पुतला दहन के साथ लगाए कुलपति मुर्दाबाद के नारे

परीक्षा परिणामों में हुई इस धांधली के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सड़क पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। शुरुआती दौर में शांतिपूर्वक तरीके से शुरू हुए इस प्रदर्शन ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया और आक्रोशित छात्रों ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति का पुतला दहन किया। इस दौरान छात्रों ने कुलपति मुर्दाबाद और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता व छात्र महाविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।




15 दिन का दिया अल्टीमेटम

एबीवीपी ने उच्च शिक्षा विभाग और विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की गंभीरता से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिषद के अमन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, कॉपियों का पुनः मूल्यांकन नहीं हुआ और छात्रों के परिणामों में सुधार नहीं किया गया, तो परिषद द्वारा विक्रम विश्वविद्यालय के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।