रतलाम

Transit land- सरकारी गोचर भूमि पर अवैध कब्जा, ताना मकान भाई को बेचा

रतलाम। सरकारी गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने के बाद, उसी मकान को अपने भाई को बेच दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने गांव में बन रहे एक अन्य मकान को अवैध बताते हुए उसकी शिकायत तहसीलदार से कर दी। शिकायकर्ता के आवेदन पर पर शासकीय जांच हुई तो दोनों के मकान अवैध निकले, तहसीलदार ने मौके पर शिकायतकर्ता को जमकर फटकार लगाकर कार्यवाही कर दी।

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Nov 19, 2022
Transit land news

मामला जड़वासा गांव की नई आबादी का है। जहां सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाने का मामला सामने आने पर तहसीलदार ने मौके पर शिकायतकर्ता को फटकार लगाकर पंचनामा बनाया। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता ने भी सरकारी जमीन पर मकान तान कर अपने ही भाई को बेच दिया। सोमवार को जड़वासा गांव में सरकारी गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने के मामले में बालाराम पिता भंवरलाल कुमावत निवासी जड़वासा ने तहसीलदार को आवेदन दिया था। जिस पर नायब तहसीलदार चंदन तिवारी, पटवारी धर्मापुरी गोस्वामी ने जड़वासा की नई आबादी पहुंचकर अवैध कब्जा देखा।
तहसीलदार ने घनश्याम की मां हीराबाई से पूछताछ कर दस्तावेज मांगे, इस पर हीराबाई ने कहा कि मेरे पास न तो पावती है ना ही रसीद है। हमें 2015-16 में पटवारी गोपाल रावत ने नपती कर कर 15 बाय 15 का प्लाट दिया था। हमें यह पट्टा पंचायत से मिला था। नायब तहसीलदार चंदन तिवारी ने बताया कि यह सरकारी जमीन है। वह अवैध कब्जा करके आपने मकान बना लिया और आपके पास में पक्का सबूत भी नहीं है। इस पर तहसीलदार ने पंचनामा बनाया।

भाई को बेच दिया मकान

बताया गया कि शिकायतकर्ता बलराम कुमावत ने भी अवैध कब्जा कर मकान बना रखा है। तहसीलदार के पूछने पर उसने भी बताया कि 2015-16 में गोपाल रावत पटवारी व पंचायत सदस्य ने नापतोल कर यह प्लाट मुझे दिया था। उसके पास भी पंचायत की कोई रसीद या सबूत नहीं है। उसी मकान उसके भाई परेश राम पिता भंवरलाल कुमावत को चार लाख 31000 रुपए में बेच दिया।


आज तक भाई के नाम नहीं हुआ मकान

यह बात जब तहसीलदार चंदन तिवारी के सामने आई तो बालाराम कुमावत को फटकार लगाई और कहां तुमने अवैध कब्जा कर मकान बनाया और तुम्हारे भाई को बेच दिया। तहसीलदार ने परेशराम कुमावत के भी बयान लिए परेशराम ने बताया कि लेटर पैड पर दो गवा के साइन लेकर मैंने यह मकान खरीदा है। मेरे भाई ने बताया कि तहसीलदार से मेरी बात हो गई है, मकान जल्द ही तेरे नाम कर दूंगा। हीराबाई पति गोवर्धनलाल, बालाराम कुमावत दोनों के गांव में निजी पट्टा मकान है, इसके बावजूद सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाया और बालाराम कुमावत ने अपने ही भाई को सरकारी अवैध कब्जा कर बेच दिया।

नई आबादी में दिया था मुझे पट्टा
मकान हीराबाई पति गोवर्धनलाल गायरी के पुत्र घनश्याम आर्मी में ड्यूटी पर है। गांव में मौजूद ना होने पर उसकी मां हीराबाई के बयान तहसीलदार ने लिए। घनश्याम गायरी ने फोन पर बताया कि मेरी ड्यूटी महाराष्ट्र के बुसावल में है। बालाराम पिता भंवरलाल कुमावत ने मेरा घर की शिकायत की है। मैंने पंचायत व पटवारी के माध्यम से वर्ष 2015-16 में नई आबादी में पट्टा लिया था। गांव में मेरा कच्चा मकान था, पटवारी व पंचायत से नपती कर 15 बाय 15 का प्लाट लिया था। नायब तहसीलदार चंदन तिवारी ने बताया कि बालाराम कुमावत वह उसका भाई परेशराम कुमावत का पंचनामा बनाया और तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों के बीच में एक भाई ने सरकारी जमीन पर मकान बना कर दूसरे भाई को बेच डाला।

मुझे प्लॉट चाहिए

तहसीलदार ने जब बालाराम कुमावत के बयान लिए तो उसने बताया कि पंचायत ने वर्ष 2015-16 में जड़वासा नई आबादी में सबसे 20 हजार रुपए लिए पंचायत वालों ने यहां पर पट्टे काटे। पंचायत से अब तक कोई रसीद प्राप्त नहीं हुई। मंै 20000 नहीं दूंगा, मुझे प्लॉट चाहिए।

Published on:
19 Nov 2022 11:59 am
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