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वीडियो में देखें किस तरह 2 हजार यात्रियों की जान खराब Track से Train निकालकर डाली खतरे में

वीडियो में देखें किस तरह 2 हजार यात्रियों की जान खराब Track से Train निकालकर डाली खतरे में

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indian railway latest hindi news

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रतलाम। रेलवे में यात्री सुरक्षा के दावे हवा-हवाई है। मंडल के ट्रैक, सिग्नल, परिचालन विभाग ने 24 जून की रात हुई भारी बारिश के चलते रतलाम-जावरा सेक्शन में मिट्टी धंस गई थी, लेकिन रखरखाव दल के जाने के पहले ही यात्री ट्रेनों को धड़ल्ले से यात्रियों की जान से खिलवाड़ करते हुए निकाला गया। ट्रैक पर जब ट्रेन निकली तो पटरी उपर-नीचे हो रही थी।

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असल में लगातार हो रही बारिश के चलते रेलवे में अनेक स्थान पर ट्रैक की मिट्टी व गिट्टी नीचे बैठती है। एेसा होने पर ट्रेन के चालक, सहायक चालक, गार्ड के अलावा ट्रैकमेंटेनर इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देते है। सूचना के बाद ट्रैक की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक देते है। इसके बाद तेजी से रखरखाव कार्य होता है। लेकिन इस मामले में एेसा नहीं हुआ।

दो हजार यात्रियों से भरी हुई थी ट्रेन

24 जून की रात में हुई बारिश के बाद 25 जून को रेलवे ने रखरखाव के लिए सुबह 10 बजे दल को भेजा। रविवार होने की वजह से देरी से रखरखाव कार्य के लिए सूचना मिली। सूचना भी तब मिली जब अमलेटा गांव के ग्रामीणों ने एक मालगाड़ी के निकलने के दौरान पटरी को उपर-नीचे होते हुए देखा तो गार्ड को सूचना दी। इसके बाद रेलवे नियंत्रण कक्ष में इस बारे बताया गया। इसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तब तक डेमू, हल्दीघाटी सहित अन्य यात्री ट्रेन को इस प्रकार की पटरी या ट्रैक के उपर से निकाला जा चूका था। बाद में जब रखरखाव दल पहुंचा तब तक तो बांद्रा - उदयपुर ट्रेन का सिग्नल हो गया। इस ट्रेन में करीब दो हजार यात्री थे। इसके पूर्व अन्य यात्री ट्रेन को भी इसी प्रकार की पटरी से चलाया गया।

होते है इस प्रकार के हादसे

रेलवे के संरक्षा विभाग में कार्य करने वाले अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के ट्रैक से ट्रेन को चलाना गंभीर मामला है। एेसे में इंजन का या डिब्बों का पटरी से उतरने की घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता। पूर्व के मामलों में जांच रिपोर्ट में ये ही आया है कि लापरवाही के चलते डिब्बे पटरी से उतरे है। इसके बाद भी मंडल में बड़ी लापरवाही की गई।

सतर्कता ही बड़ी सुरक्षा है

एेसे मामलों में सतर्कता रखना चाहिए। सतर्कता ही सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर है। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी जानकारी ले रहे है कि एेसा क्यों हुआ है।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल