
Indian Railways reduced the fare of 979 trains
रतलाम। भारतीय रेलवे ने कोरोना के दौरान देशभर की कई यात्री ट्रेन में स्पेशल का टैग देते हुए किराया बढ़ा दिया था। अब जबकि सब कुछ सामान्य हुए दो साल से अधिक समय हो गया है, तब लोकसभा चुनाव से पहले रेलवे ने सभी 979 ट्रेन से स्पेशल का टैग हटाते हुए लिया जा रहा अतिरिक्त किराया तुरंत प्रभाव से कम कर दिया है। पत्रिका ने 24 फरवरी के अंक में इस मामले में एक जोन में कोरोना के पूर्व के नियम हटाए, पश्चिम रेलवे में जारी, शीर्षक से समाचार का प्रकाशन कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षिक किया था।
मध्यप्रदेश में रतलाम, भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सतना व सागर सहित सभी रेलवे स्टेशन पर इसकी शुरूआत हो गई है। आदेश 1 मार्च को जारी किए थे, लेकिन इसका पालन राज्य में कई शहरों में कहीं 3 तो कहीं 4 मार्च से शुरू हो पाया है।
मिलता था 10 वाला 30 में
रेलवे ने दो साल बाद यात्री ट्रेन पर से स्पेशल का टैग हटाकर अब उनको सामान्य घोषित कर दिया है। इससे अब अतिरिक्त किराया यात्रियों को नहीं देना होगा। भारतीय रेलवे में इससे जुड़े आदेश जारी हो गए है। इन आदेश के बाद रतलाम, इंदौर, उज्जैन में भी अतिरिक्त किराया लेना टिकिट खिड़की से बंद हो गया है। कोरोना के दौरान यात्रियों को 10 रुपए वाले टिकिट के 30 रुपए देना पड़ रहे थे, अब फिर से शुल्क कम हो गया है।
चुनाव से पहले बड़ा निर्णय
यात्री लंबे समय से सोशल मीडिया पर इस मांग को कर रहे थे कि कोरोना गए लंबा समय हो गया तो ट्रेन पर स्पेशल का टैग क्यों है। सबसे अधिक समस्या डेमू व मेमू स्तर की ट्रेन में हो रही थी, जहां पूर्व के 10 रुपए के किराए के बजाए यात्री को 30 रुपए कम दूरी की यात्रा के लिए देने पड़ रहे थे। ऐसे में लगातार मांग के बाद भारतीय रेलवे ने लोकसभा चुनाव के पहले देशभर में स्पेशल ट्रेन के टैग से दौड़ रही सभी मेमू व डेमू सहित अन्य ट्रेन में किराया कोरोना के पूर्व जिस तरह न्यूनतम 10 रुपए लिया जा रहा था, उसको शुरू कर दिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के कोचिंग विभाग ने आदेश जारी किए थे।
Updated on:
05 Mar 2024 08:31 am
Published on:
04 Mar 2024 08:46 pm
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