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Jain Festival Paryushan: पर्युषण पर्व: महावीर स्वामी का जन्मवांचन महोत्सव मना

Jain Festival Paryushan: पर्युषण पर्व: महावीर स्वामी का जन्मवांचन महोत्सव मना

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Jain Festival Paryushan: पर्युषण पर्व: महावीर स्वामी का जन्मवांचन महोत्सव मना

Jain Festival Paryushan: पर्युषण पर्व: महावीर स्वामी का जन्मवांचन महोत्सव मना

Jain Festival Paryushan: रतलाम। समय अपनी गति के अनुसार गति कर रहा है, चाहे वह बाल्यकाल का हो योवन काल या वृद्धवस्था, वह अपने हिसाब से बीतता चला जा रहा है। कोई बोले आपकी आयु प्रति समय बढ़ती जा रही, कोई बोले आपकी आयु प्रति समय घटती जा रही है और कोई बोले की आप प्रति समय मरते जा रहे तो आपको झटका लगेगा, लेकिन यही सत्य है कि हमारे क्रोध, मान, माया, लोभ निरन्तर बढ़ते ही जा रहे है। इसलिए जीवन का मध्य भाग अर्थात मध्य वर्ती आवश्यक है।
Jain Festival Paryushan: यह विचार शासन दीपिका हितेषीश्री महाराज ने काटजू नगर स्थित समता भवन पर धर्म सभा में व्यक्त किए। निरामगंधाश्री महाराज ने फरमाया की हम आठ कर्मो को दूर नहीं कर पाये, हम छोटे छोटे प्रत्याख्यान से भी दूर होते जा रहे है। हमारा लक्ष्य क्या है यह निर्धारित करे, उन्होंने आचार्य लालश्री महाराज, आचार्य उदयसागरश्री महाराज, आचार्य चौथमलश्री महाराज का कई जगह दृष्टान्त दिया। महेन्द्र गादिया ने बताया कि पर्युषण पर पूरे देश मे प्रतिदिन निश्चित किए विषयों पर प्रवचन चल रहे हैं।

जैसे जियेंगे वैसे प्रभार बच्चों में आएंगे
Jain Festival Paryushan: आज महासती समिक्षणाश्री महाराज ने फरमाया की मध्यस्थ वृति से जीवन जीना प्रत्येक आत्मा के लिए कठिन है, लेकिन यह जीवन ही सन्मार्ग है। आपने गर्भवती स्त्री के लिए कहा बच्चों के संस्कार प्रभाव के लिए फरमाया जैसा जीवन जियेंगे वैसा प्रभाव गिरेगा वैसे ही जन्म लेने वाले बच्चों में आएगा। इसलिए ऐसे समय धर्म का आचरण जरूरी है, उन्होंने प्रतिदिन बच्चों के साथ 15 मिनिट बैठने व संस्कार देने का आव्हान किया। करिश्माश्री महाराज ने बताया कि व्यक्ति की पसंद का कार्य हो तो प्रशन्न हो जाता, लेकिन पुनवानी से जो मिलता वही श्रेष्ठ है। दीपक से दीपक जलाया जा सकता ऐसे ही पुनवानी से पुनवानी बड़ा सकता है। प्रारंभ में मर्मज्ञश्री ने देवकीनंदन व रुक्मणि का दृष्टान्त देकर शास्त्र वाचन किया। संचालन विनोद मेहता व नरेन्द्र गादिया ने किया।

पर्युषण में धर्म आराधना का उत्सवी माहौल
Jain Festival Paryushan: नामली। नगर में जैन समाज के महापर्व पर्युषण के दौरान अनेक आयोजन हो रहे है प्रतिदिन की तरह स्नात्र महोत्सव पूजन प्रतिकमण आरती के साथ ही बुधवार रात्रि में बाबूलाल गादिया परिवार ने पोथा की भक्ति का आयोजन रखा। नगर के ही प्रितेश चौधरी ने गुरुवार सुबह से व्याख्यान में कल्पसूत्र का वाचन अपनी सुमधुर वाणी से किया । शुक्रवार को पर्युषण पर्व के दौरान भगवान महावीर स्वामी का जन्मवाचन महोत्सव मनाया जाएगा।
Jain Festival Paryushan: सुबह से ही मंदिर में पूजन आदि की धूम रहेगी । नगर के दोनों मन्दिर में अति मनोहारी अंगरचना की जाएगी। श्री सुमतिनाथ जिनालय में दोपहर 12.30 बजे व महावीर स्वामी जिनालय पर दोपहर 3 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें चौदह स्वप्नों व भगवान की आरती की बोलियंा लगाई जाएगी। जन्मवाचन महोत्सव के बाद समाज जन केसर के छापे लगाएंगे। जैन समाज के शैतानमल चौधरी, बाबूलाल भंसाली, प्रकाश मेहता, बाबूलाल गादिया, चांदमल सोलंकी, अनोखीलाल कावडिय़ा, पारस मल भंसाली, श्रेणिक चत्तर, ऋषभ संघवी, संजय पावेचा आदि ने समाजजनों से भगवान का जन्मकल्याण महोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया है।