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जेल से आई चिट्ठी से आखिर क्यो आया राजनीतिक गलियारों में भूचाल

जेल से आई चिट्ठी से आखिर क्यो आया राजनीतिक गलियारों में भूचाल

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जेल से आई चिट्ठी से आखिर क्यो आया राजनीतिक गलियारों में भूचाल

रतलाम। जिला जेल से लिखी गई एक चिट्ठी से शुक्रवार को राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया। चिट्ठी में लिखे गए शब्दों ने कई नेताओं की नींद उड़ाकर रख दी है। जेल से बाहर आई चिट्ठी में लिखी बाते जब कुछ जनप्रतिधियों के कानों में पहुंची तो उनके भी होश उड़ गए। चिट्ठी की जानकारी मिलते ही हर कोई सकते में है। ये चिट्ठी लिखने वाला कोई और नहीं किसान आंदोलन में मुख्य आरोपियों में शामिल भगवतीलाल पाटीदार है।

मैं किसान हूं

किसान आंदोलन के दौरान रतलाम के डेलनपुर में मचे उपद्रव के मुख्य आरोपियों में शामिल भागवतीलाल पाटीदार के जेल से लिखे पत्र से फिर से राजनीति गरमा गई है। भगवती ने उसके नाम पर राजनीति नहीं करने की बात कही है। कुछ लोग आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है वो गलत है, मैं तो एक किसान हूं, मैं आज भी किसान हूं और कल भी किसान रहूंगा। मेरे पर राजनीति करना गलत है। लोग मुझे डीपी धाकड़ से जोड़कर जबरन राजनीतिक बतंगढ़ बना रहे है। राजनेता अपना नाम कमाने के लिए मेरा नाम बीच में न ले।

राजनीतिक लाभ के लिए मेरा नाम न ले
भगवती ने यह पत्र किसान नेता राजेश पुरोहित को लिखा है। पुरोहित को यह पत्र करमदी स्थित उनके घर पर डाक से शुक्रवार को मिला। भगवती ने पत्र में यह भी लिखा कि हम किसान लोग है, हमारी लड़ाई किसानों की लड़ाई है, इसमें कोई भी राजनीति नहीं है। कोई भी नेता राजनीतिक लाभ के लिए मेरा नाम न ले। मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा है, मुझे न्याय मिलेगा और आप सब भाई लोग हो तो मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं है। भगवती के इस पत्र के बाद उसके नाम पर राजनीतिक रोटियां सेक रहे लोग भी अब सकते में आ गए है।

मुख्य आरोपियों में है शामिल

डेलनपुर में मचे उपद्रव के मुख्य आरोपियों में भगवतीलाल पाटीदार शामिल है। इस मामले में सभी बड़े लोगों की जमानत हो चुकी है, लेकिन भगवती की जमानत आज तक नहीं हो सकीक है। भगवती बीते दो साल से जेल में है, हाईकोर्ट से भी उसकी जमानत याचिका ख़ारिज हो चुकी है। पाटीदार समाज से जुड़े लोगों ने पूर्व में जिला पंचायत उपाध्यक्ष धाकड़ पर भगवती के नाम से राजनीति करने का आरोप भी लगाया था। उन्होने यह भी कहा था कि जिनकी गलती से यह घटनाक्रम हुआ था, वो लोग जमानत पाकर बाहर घूम रहे है और भगवती आज भी अंदर है।