
मध्यप्रदेश में एक लेडी कांस्टेबल का सालों पुराना एक सपना सरकार से मिली अनुमति के बाद साकार होगा। दरअसल ये महिला आरक्षक खुद को पुरुष समझती थी और जेंडर चेंज कर पुरुष बनना चाहती है जिसके लिए उसने सरकार से जेंडर चेंज कराने की अनुमति मांगी थी। जिस लेडी कांस्टेबल को जेंडर चेंज कराने की अनुमति मिली है बताया गया है कि वो रतलाम जिले में पदस्थ है। बता दें कि इससे पहले भी एमपी में ही साल 2021 में निवाड़ी जिले में तैनात एक महिला आरक्षक को भी जेंडर परिवर्तन कराने की अनुमति दी जा चुकी है।
'जेंडर ओडेंडिटी डिसऑर्डर' से पीड़ित है लेडी कॉन्स्टेबल
जानकारी के मुताबिक खुद को पुरुष समझने वाली जिस लेडी कांस्टेबल को सेक्स चेंज कराने की अनुमति दी गई है वो बचपन से ही 'जेंडर आडेंटिटी डिसऑर्डर' से पीड़ित है। जिसकी पुष्टि मनोचिकित्सकों की जांच में हो चुकी है और मनोचिकित्सकों ने ही उसे जेंडर परिवर्तन (लिंग परिवर्तन) की सलाह दी थी। इसके बाद लेडी कांस्टेबल ने सरकार से जेंडर चेंज कराने की अनुमति मांगी थी जो अब सरकार से उसे मिल गई है। हमेशा से लेडी कांस्टेबल पुरुष बनना चाहती थी और अब उसका सालों पुराना सपना साकार हो जाएगा।
नहीं मिलेगा महिला पुरुष की सुविधाओं का लाभ
सरकार ने लेडी कांस्टेबल को जेंडर चेंज कराने की अनुमति दे दी है और इसके साथ ही आदेश के जरिए ये भी साफ कर दिया है कि सेक्स चेंज करने के बाद महिला को विभाग में कोई खास फायदा नहीं होगा। महिला को जेंडर परिवर्तन के बाद यानी पुरुष बनने के बाद महिला कर्मचारी के रूप में मिलने प्राप्त होने वाली सुविधाओं और लाभों की पात्रता नहीं रहेगी।
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Published on:
15 Aug 2023 08:46 pm
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