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पीएनबी घोटाले के बाद मध्यप्रदेश के इस शहर में बड़ी कार्रवाई

- यूनियन बैंक का मैनेजर 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया
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रतलाम

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harinath dwivedi

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Updated: 17 Feb 2018, 2:04 PM IST

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रतलाम/ नामली। देश में हुए पीएनबी घोटाले के बाद मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में सरकार ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रतलाम जिला मुख्यालय से करीब पंद्रह किमी दूर नामली में शनिवार को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त ने नामली में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक को बैंक परिसर में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने कार्रवाई के दौरान एक दलाल को भी पकड़ा है।

बैंक मैनेजर और दलाल पर कार्रवाई के लिए इनकी शिकायत हिम्मतसिंह ने की थी, जिस पर लोकायुक्त की टीम ने सबूत एकत्रित करते हुए इन पर शिकंजा कसा और शनिवार दोपहर में बैंक में पहुंचकर उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त ने शाखा प्रबंधक महेंद्र देहरिया के साथ दलाल दिलीप शर्मा को पकड़ा है। इनके पास से टीम ने रिश्वत के रूप में ली गई राशि भी जब्त की है। पीडि़त को पशुपालन योजना में लोन के लिए आवेदन किया था, जिसके लिए करीब चार लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। उसकी किस्त जारी करने के नाम पर मैनेजर, दलाल के माध्यम से रिश्वत मांग रहा था।

हिम्मत ने दिखाई हिम्मत
फरियादी हिम्मत सिंह राजपूत निवासी ग्राम ग्वालखेड़ी व साथ चंद्रपालसिंह राजपूत निवासी तरखेड़ी ने नाबार्ड से पशुपालन के लिए भैसों के लिए लोन के लिए आवेदन किया था। साढे़ पांच लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए २५ हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस बात से वह परेशान चल रहा था। बैंक मैनेजर और दलाल उसे परेशान कर रहे थे, जिसके चलते उसने लोकायुक्त उज्जैन से शिकायत की। ग्रामीणो के अनुसार बीते कई महीनों से बैंक मैनेजर रुपयों के लिए ग्रामीणों को परेशान कर रहा था। जिसकी कई बार लोगों ने शिकायत भी कि लेकिन बैंक के जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

साल की पहली कार्रवाई
लोकायुक्त ने वर्ष 2018 की जिले में पहली कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसमें सीधे बड़े अधिकारी पर शिकंजा कसा है। लंबे समय बाद लोकायुक्त की टीम ने जिले में दस्तक देते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रतलाम में इसके पूर्व वर्ष 2017 में कई छोटे-बडे़ अधिकारियों पर लोकायुक्त ने शिकंजा कसते हुए उन्हें रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा था।


ईओडब्ल्यू के भी निशाने पर
जिले में रहकर घोटालों में सहभागिता निभाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ उज्जैन (ईओडब्ल्यू) में भी कई प्रकरण दर्ज हो चुके है, जिनकी जांच के बाद से कुछ बड़े मामले शासन स्तर पर लंबित पड़े है। लोकायुक्त के साथ ईओडब्ल्यू की टीम भी लंबे समय से जिले में सक्रिय है और आर्थिक अनियतिताओं के मामलों की शिकायत मिलते ही उन पर कार्रवाई करने में जुटी है।