रतलाम। स्कूल से गायब रहने और अपनी आदतों से लोगों के लिए परेशानी खड़ी करने वाले एक शिक्षक ने अवकाश आवेदन देते हुए इतना भी ध्यान नहीं रखा कि उसने पुरुष होते हुए भी मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन कर दिया। दरअसल यह मसला जमुनिया प्राथमिक विद्यालय का है।
यहां के सहायक शिक्षक मेहरबानसिंह ने यह आवेदन लगाया। हालांकि यह स्वीकृत नहीं हुआ है लेकिन यह मामला तब संज्ञान में आया जब दूसरे मामलों की जांच करने अधिकारी उसके स्कूल पहुंचे। इस शिक्षक की पहले भी इसी मामले में जांच की गई तो संकुल प्राचार्य ने उसका गोलमाल जवाब देकर छोड़ दिया लेकिन दोबारा ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगाने की विभाग को चेतावनी दी तो अधिकारी ने कलेक्टर के सामने वस्तुस्थिति रखते हुए तत्काल शिक्षक को निलंबित कर दिया।
यह है मातृत्व व पितृत्व अवकाश
सरकारी कर्मचारियों में महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश मिलता है जबकि पुरुष कर्मचारी को उसकी पत्नी के प्रसव के दौरान पितृत्व अवकाश मिलता है। महिला को मिलने वाला मातृत्व अवकाश 180 दिन यानि छह माह का होता है जबकि पुरुष कर्मचारी को दिया जाने वाला पितृत्व अवकाश दो सप्ताह के लिए होता है।
जांच करवाई थी, फिर शिकायत हुई
जमुनिया प्रावि के सहायक शिक्षक मेहरबानसिंह ने मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था। यह अवकाश पुरुषों के लिए नहीं होता है फिर भी उसने यह आवेदन किया जो गलत है और नियमों के अनुरूप नहीं है। मामले की जांच धराड़ संकुल के प्रभारी प्राचार्य से कराई थी लेकिन उन्होंने जो जांच की उसमें खुलासा नहीं था। मंगलवार को ग्रामीणों ने फिर से इसे लेकर शिकायत की और चेतावनी दी। इस आधार पर उसे निलंबित कर दिया गया।
अनिल वर्मा, डीईओ
सीधे ऑन लाइन किया आवेदन
संकुल के शिक्षकों के आवेदन हमारे पास नहीं आते। सीधे ऑन लाइन होते हैं और सहायक शिक्षक मेहरबानसिंह ने भी सीधे ऑन लाइन आवेदन किया जिसमें उन्होंने मातृत्व अवकाश का लिखा। यह दो माह पहले का आवेदन है जिसकी जानकारी डीईओ को मिलने पर कार्रवाई की गई।
आरएस दादोरिया, प्रभारी प्राचार्य धराड़ संकुल