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#Ratlam दो रुपए की पुड़िया से समय से पहले पका रहे आम VIDEO

फलों को पकाने के लिए कैमिकल का इस्तेमाल शरीर के लिए घातक होता है। खासकर किडनी और लीवर पर असर करता है।

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VIDEO: Smuggling of liquor in the dark of night in Ratlam

VIDEO: Smuggling of liquor in the dark of night in Ratlam

रतलाम. इन दिनों शहर में कई तरह के आम की बंपर आवक हो रही है। ठेलों पर कई किस्म के आम देखे जा सकते हैं। आम को पकाने और सुर्ख पीला रूप देने के लिए इन दिनों चीनी पुडिय़ा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पुडिय़ा से 12 से 15 घंटे में आम पक जाते हैं। लेकिन यह पुडिय़ा आपकी सेहत खराब कर सकती है। इस और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नहीं हैं। इस पुडिय़ा में कौन से रसायन मिले हैं इसकी किसी को जानकारी नहीं है। इस पुडिय़ा से 20 किलो आम पकाने में सिर्फ दा़े रुपए का खर्चा आता है। जब पुडिय़ा को आम की टोकरी में रखा जाता है तो नमी के संपर्क में आने से यह पुडिय़ा फट जाती है। इससे एथीलिन गैस निकलती है जो फलों को पकाने का काम करती है। गैस इस कदर असरकारक होती है कि इसके संपर्क में आने से आम तुरंत पक जाते हैं। वहीं इन आम के संपर्क में आने से दूसरे आम भी पक जाते हैं। इस तरह के रसायन से कैंसर भी हो सकता है।

ऐसे पकाए जाते हैं आम

आम पकाने के लिए बीस किलो कच्चे आम को ट्रे में रखा जाता है। इसमें 4-5 पुडिय़ा बगैर खोले साथ में रख दी जाती हैं। इसके बाद इन केरेट को चारों तरफ से पैक कर दिया जाता है, ताकि हवा आंदर न जा सके। तीन दिन बाद जब ट्रे को खोला जाता है तो आम बिल्कुल पीले हो जाते हैं। हालांकि पहले कार्बाइड से आम पकाए जाते थे, लेकिन इसमें समय ज्यादा लगता था और आम भी ज्यादा पीला नहीं हो पाता था। हालांकि यह पुडिय़ा आमजन के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

भुट्टा बाजार में मिलती पुडिय़ा

एक फल व्यापारी ने नाम न प्रकाशन के आग्रह पर बताया कि यह चीनी पुडिय़ा भुट्टा बाजार में 160 रुपए की 100 आती हैं। इसके क्या नुकसान हैं यह फल व्यापारी भी नहीं बता सका। उसका कहना था कि इस पुडिय़ा से फल जल्दी पक जाते हैं इसीलिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

एक्सपर्ट व्यू

फलों को पकाने के लिए कैमिकल का इस्तेमाल शरीर के लिए घातक होता है। खासकर किडनी और लीवर पर असर करता है। अगर इसकी मात्रा अधिक रह जाए तो कैंसर का कारण भी सकता है। बाजारों से लाए फलों का इस्तेमाल अच्छी तरह धोकर करें। क्योंकि कैमिकल शरीर के कई अंगों के लिए हानिकारक होते हैं।

- डॉ. अभय ओहरी, वरिष्ठ चिकित्सक