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#MBBS की पढ़ाई करने के नियम में हुआ बड़ा बदलाव

locationरतलामPublished: Feb 07, 2024 09:58:35 pm

Submitted by:

Ashish Pathak

अब एमबीबीएस करने वाले हर विद्यार्थी को लेना होगी एक मरीज की जिम्मेदारी
रतलाम में इसी सत्र से, मंदसौर व नीमच में जून में मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर होगा काम शुरू

medical education latest news in india
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रतलाम. एमबीबीएस कोर्स में अपडेशन किया गया है। अब हर मेडिकल कॉलेज में पढऩे वाले हर विद्यार्थी को एक मरीज की जिम्मेदारी लेनी होगी। एनएमसी ने इसी सत्र से नया मैथड लागू किया है। प्रत्येक विद्यार्थी को कॉलेज से संबंद्ध अस्पताल में भर्ती एक मरीज की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी होगी। लर्नर डॉक्टर मैथड प्रोग्राम के नाम से इसमें वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी में मरीज के उपचार की पूरी हिस्ट्री रखनी होगी। रतलाम मेडिकल कॉलेज में इस समय करीब 800 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है, जबकि मंदसौर व नीमच में जून माह से मेडिकल कॉलेज के शुरू होते ही इसको लागू किया जाएगा।
नेशनल मेडिकल कमिशन एनएमसी ने इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज में यह बदलाव किया है। इस प्रोग्राम में नए विद्यार्थियों को वरिष्ठ डॉक्टर की मौजूदगी में मरीज के उपचार की मेडिकल हिस्ट्री रखनी होगी। प्रदेश के कॉलेज में होगा लागू देश में इस समय 706 व मध्यप्रदेश में 18 मेडिकल कॉलेज हैं। लर्नर डॉक्टर मैथड प्रोग्राम सभी में शुरू होगा। अधिकांश मेडिकल कॉलेज में इस सत्र में शुरुआत कर दी है।
विद्यार्थी को इससे होगा लाभ


Skill : ऐसा करने से नए विद्यार्थियों की स्किल विकसित होगी। क्योंकि, वो डॉक्टर व मरीज के सीधे संपर्क में रहेगा।


Clinic : वरिष्ठ डॉक्टर से दिए जाने वाले उपचार की जानकारी उसके पास रहेगी तो शुरूआत से बेहतर सीख सकेगा। ऐसे में उसको क्लिनिकली लाभ होगा।

Communication : मरीज और तीमारदारों से सीधा संपर्क रहेगा। उसमें हो रहे सुधार की जानकारी भी लेगा। ऐसे में उसके बोलचाल और कम्युनिकेशन स्किल विकसित होगी।


Learning Capacity : जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया से लर्निंग कैपेसिटी में बढ़ोतरी होगी।
रेंज में इस तरह लाभ


- रतलाम मेडिकल कॉलेज में करीब 800 विद्यार्थी है।
- मंदसौर व नीमच में जून माह में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत होगी।
- मंदसौर व नीमच में 150 - 150 विद्यार्थियों से इसकी शुरूआत होगी।
हर स्तर पर इससे लाभ
लर्नर डॉक्टर मैथड प्रोग्राम को लागू किया है। इससे चिकित्सक व विद्यार्थी दोनों को लाभ है। सबसे बड़ा लाभ ये है कि पढ़ाई के दौरान ही चिकित्सक बनने वाले विद्यार्थी को ग्राउंड लेवल से जानकारी मिलना शुरू हो जाती है।

- डॉ. विनय शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी, मेडिकल कॉलेज रतलाम

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