
राजस्थान बीजेपी में एक बयान से नेताओं की बढ़ गई धुकधुकी
रतलाम. रतलाम जिले की पांच, मंदसौर की चार और नीमच जिले की तीन विधानसभा सीट पर भाजपा अगले सप्ताह से विशेष मेहनत करने जा रही है। इन 12 सीट में से उन विधानसभा सीट और लोकसभा सीट के बूथ पर खास नजर रखकर कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा जिसमे दो विधानसभा और पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी की पराजय हुई है। तीन जिलों में 300 से अधिक ऐसे बूथ है जहां पार्टी की पराजय इन बूथ पर हुई है।
यह है मैदानी हकीकत
रतलाम जिले की ही बात करें तो ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 बूथ ऐसे है जहां पार्टी को हर प्रकार के चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ रहा है। इसमे इसरथुनी, पलास, गोपालपुरा आदि है। इसी प्रकार जावरा विधानसभा क्षेत्र में हम्मालपुरा, कालूखेड़ा सहित करीब 33 बूथ ऐसे है, जहां पार्टी की पराजय होती रही है। मंदसौर और नीमच जिले की विधानसभा सीट में भी इसी प्रकार की स्थिति है।
इनको दी जिम्मेदारी
भोपाल से अब रतलाम भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा, मंदसौर जिलाध्यक्ष नानालाल अटेलिया और नीमच जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार को इसके लिए खास जिम्मेदारी दी गई है। इन जिलाध्यक्ष को एक सप्ताह में उस सूची को अपडेट कर तैयार करना है जहां भाजपा 2013 और 2018 का विधानसभा और 2019 का लोकसभा चुनाव हारी है।
विधायक को करनी होगी मेहनत
जब एक सप्ताह में जिलाध्यक्ष सूची तैयार कर लेंगे तब विधायक और पार्टी के नेता इसके लिए मेहनत करेंगे कि उन बूथ पर सक्रियता बढ़ाकर वोट का प्रतिशत बढ़ाया जाए। इसके लिए बूथ के प्रतिष्ठित लोगों से मेल-मुलाकात को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
कई चरण की योजना
भाजपा कार्यकर्ता सतत सक्रिय रहता है। भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारी को शुरू कर दिया है। इसके लिए बूथ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह लुनेरा, भाजपा जिलाध्यक्ष
Published on:
19 Aug 2022 11:25 am
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