
रतलाम। सौभाग्य योजना के नाम सरकार भले ही अंधेरे घरों में रोशनी करना चाह रही है, लेकिन कई क्षेत्र एेसे है, जहां बिजली कंपनी ने खंभे लगवाकर तार तो जोड़ दिए है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी लोगों के घर में लाइट नहीं पहुंच सकी है। इसके पीछे कारण जिस ठेकेदार ने यहां काम किया था, उसके द्वारा यहां लगाया जाने वाला ट्रांसफार्मर गिरवी रखकर भागना बताया जा रहा है।
ये मुद्दा शुक्रवार को जिला पंचायत में हुई सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में गरमाया तो विभाग के अधिकारी ने मामले की जांच कराए जाने की बात कहते पल्ला झाड़ लिया। अध्यक्ष प्रमेश मईड़ा ने बताया कि ग्राम पंचायत पलाश के रामबाग, मुंगथली, भैरूपाड़ा, गुजरपाड़ा में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। ठेकेदार ने गांव के गोपालसिंह का टै्रक्टर किराए पर लिए थे, जिसकी राशि नहीं चुका पाने पर उनके यहां पर ट्रांसफार्मर गिरवी रखकर चला गया, जिसके चलते आज तक यहां पर लाइट चालू नहीं हो सकी है।
कब तक अधूरे रहेंगे भवन- सांसद प्रतिनिधि राजेश भरावा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बीते दो साल से एक भी आंगनवाड़ी स्वीकृति नहीं होने की बात कही। अधूरे पडे़ आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य कब पूरा होगा, इसकी जानकारी मांगी। जिपं सीईओ सोमेश मिश्रा ने जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
कहां गए ३०० करोड़- इप्का और अलकोहल प्लांट द्वारा छोड़े जाने वाले पानी से क्षेत्र में लाल पानी की समस्या से निजात दिलाने और यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए ३०० करोड़ रुपए का सदस्यों ने पीएचई से राशि का हिसाब भी मांगा, कि उक्त राशि किस काम में खर्च की गई है।
आशा नगर भाजपा में शामिल
सुखेड़ा के वार्ड १२ से निर्दलीय पार्षद होकर जिला पंचायत सदस्य चुनी गई आशा नागर ने भाजपा का दामन थाम लिया। जिपं अध्यक्ष की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुई, तो सदस्यों ने स्वागत किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने किसानों को थमाए जा रहे मनमानी के बिजली के बील का मुद्दा उठाते हुए पांच हास पावर की मोटर को बिजली कंपनी वाले दस का बताकर बीस हजार रुपए तक के बिल थमा रहे है।
Published on:
24 Mar 2018 05:32 pm
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