
MPEB Maintenance big news in satna madhya pradesh
रतलाम। अगर आप बिजली कंपनी की लापरवाही की वजह से करंट के शिकार हुए हो या परिवार में किसी की मौत हुई हो तो कंपनी से इसके लिए मुआवजा दिया जाता है। कंपनी ने हाल ही में 2015 में तय की गई इस राशि को वर्ष 2018-19 के लिए कायम रखने का निर्णय लिया है। ये निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में लिया गया है।
कंपनी के विद्युत सुरक्षा से जुडे़ अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में विद्युत सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें विद्युत लापरवाही से होने वाली मौत व दुर्घटना की राशि के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। आमतौर पर लोगों को इस बारे में जानकारी ही न है कि कंपनी की लापरवाही से कोई दुर्घटना घर में होती है व कोई इसका शिकार होता है तो मुआवजा राशि दी जाती है।
ये है मुआवजा राशि का नियम
- मृत होने पर करीबी रिश्तेदार को 4 लाख रुपए।
- घायल होने व दिव्यांगता 40 या इससे अधिक प्रतिशत होने पर -59100 रुपए।
- 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर - 2 लाख रुपए।
जानकारी ही नहीं देते
बता दे कि मुआवजा राशि को बचाने के चक्कर में कंपनी के अधिकारी इस बारे में न तो जानकारी देते है नहीं इसके बारे में विस्तार से प्रचार-प्रसार करते है। एेसे में खुद कंपनी के कर्मचराी जब लाइन पर कार्य करते हुए घायल होते है या मृत होते है तो उनको भी मुआवजा नहीं मिलता है। अब बैठक में ये सख्त निर्देश दिए गए है कि इस बारे में कंपनी विस्तार से प्रचार का अभियान चलाए व कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी को इस बारे में जानकारी दे।
प्रचार करना तो जरूरी है
विद्युत सुरक्षा विभाग की हाल ही में भोपाल में हुई बैठक में मुआवजा राशि को पूर्व की तरह यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। ये साफ कहा गया है कि कंपनी को इसके प्रचार-प्रसार करने की जरुरत है।
- एयू खान, सहायक यंत्री, विद्युत सुरक्षा विभाग
Published on:
22 Jul 2018 12:49 pm
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