ये कहना है सिलावट समाज के अध्यक्ष मोहनलाल सिलावट, सामूहिक विवाह समिति अध्यक्ष सुरेश धमानिया व कोषाध्यक्ष भेरूलाल मरमट का। समाजजनों ने पत्रिका के मेरा शहर मेरा समाज कॉलम के अन्तर्गत अपनी सामाजिक गतिविधियों से रूबरू कराते हुए बताया कि परम्परा में अब भी रंग तेरस पर रंग बरसता, सेंव बंटती, शरबत संग चंटिये खेले जाते है और सामूहिक गोठ में समाजजन एक होते है। अमावस्या पर दोनों मंदिर पर भजन-कीर्तन बरसों से होते आ रहे हैंं।