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रतलाम. 21 मप्र बटालियन एनसीसी द्वारा कर्नल एचपीएस अहलावत केम्प कमांडेट के निर्देशन में आयोजित किए जा रहे वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में डिस्ट्रीक्ट होमगार्ड से प्लाटून कमांडर सुमित खरे एवं उनकी टीम ने आपदा प्रबंधन पर रविवार को आपात हालात बनने पर किस तरह से निपटना इसकी जानकारी केडेट्स को दी। इसके बाद २७ केडेट्स ने रक्तदान भी किया।
प्लाटून कमांडर खरे ने कहा कि आपदा अपने घर से लेकर अपने समाज में व्याप्त है, जो कभी आ सकती है। ऐसे में आपदा में घबराना नहीं बल्कि धेर्य की जरुरत होती है। मौजूद उपकरणों से होने वाली आगजनी से बच सकते है। घायलों को स्ट्रेचर पर ड्रेसिंग के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के तरीके तथा गैस सिलेंडर पर लगी आग को विभिन्न प्रकार से बुझाने के तरीके पर प्रदर्शन किया गया। कैडेट उमेश सोनार्थी व कैडेट उपासना से प्रैक्टिकल करवाया गया। घायलों को सीपीआर के माध्यम से बचाने के तरीके तथा आपदा प्रबंधन में उपयोग में आने वाले विभिन्न उपकरणों की जानकारी दी गई।
रक्तदान का महत्व बताया
शिविर के दौरान डॉक्टर मिनाक्षी शर्मा द्वारा कैडेटस को रक्तदान का लाभ के बारे में बताया कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। जिससे आप किसी को जीवन दान दे सकते है। प्रत्येक व्यक्ति के अपने जीवन काल रक्तदान करना चाहिए। इस दौरान 27 कैडेटस ने रेडक्रास सोसायटी में रक्तदान किया। रक्तदान के प्रमाण-पत्र भी कैडेटस को दिये गए। इस अवसर पर केम्प कमांडेट एचपीएस अहलावत, लेफ्टीनेंट राजेन्द्र जामोद, सुबेदार मेजर अनिल कुमार तथा पीआई स्टॉफ उपस्थित था।
Published on:
15 Nov 2021 06:14 pm
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