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एम्बुलेंस फिटनेस रिपोर्ट भेजने के आदेश

जिला प्रबंधक को पत्रिका में 6 अगस्त को प्रकाशित समाचार फिटनेस विहीन एम्बुलेंस दौड़ा रहे, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़ के विषय में एम्बुलेंस वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं वाहनों के दरवाजे सुधरवाने के संबंध में निर्देशित किया हैं।
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अनफिट एम्बुलेंस का संचालन: अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण रिपोर्ट के आदेश दवा-उपकरण कमी की शिकायतों पर निर्देश, शासकीय अस्पतालों में अनफिट एम्बुलेंस से मरीजों को जोखिम

रतलाम। शासकीय अस्पतालों से अनफिट एम्बुलेंस का संचालन हो रहा है, किसे दरवाजे नहीं खुलते तो किसी को खिडक़ी में से रस्सी खिंचकर खोला जाता है। एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंटर तक रखने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं हैं, पट्टी से बांध रखे हैं। जिससे मरीजों की जान जोखिम बना रहता हैं।

जिला प्रबंधक को पत्रिका में 6 अगस्त को प्रकाशित समाचार फिटनेस विहीन एम्बुलेंस दौड़ा रहे, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़ के विषय में एम्बुलेंस वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं वाहनों के दरवाजे सुधरवाने के संबंध में निर्देशित किया हैं। मई माह में 41 में से मात्र 19 एम्बुलेंस का परीक्षण किया, जबकि पूर्व कलेक्टर मिशा सिंह ने निर्देश दिए थे कि हर माह सभी एम्बुलेंस की जांच होनी चाहिए। इन निर्देशों की अनदेखी कर 108 एम्बुलेंस और जननी एक्सप्रेस का संचालन बेखौफ किया जा रहा है।

जिला प्रबंधक को किया निर्देशित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा ने जय अम्बे एमरजेंसी सर्विस के जिला प्रबंधक को पत्रिका में 6 अगस्त को प्रकाशित समाचार फिटनेस विहीन एम्बुलेंस दौड़ा रहे, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़ के विषय में एम्बुलेंस वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं वाहनों के दरवाजे सुधरवाने के संबंध में निर्देशित किया हैं।

विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को दिया निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा ने विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को 108 एम्बुलेंस एवं जननी एम्बुलेंस का तत्काल निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश संचालक, एनएचएम, मप्र भोपाल और कलेक्टर रतलाम के निर्देशों के बाद जारी किए हैं। 108 जननी एम्बुलेंस वाहनों का संचालन जेएईएस द्वारा किया जा रहा है।

सेवाओं की निगरानी में गंभीर लापरवाही माना
इन सेवाओं के सुचारू संचालन व पर्यवेक्षण के लिए प्रतिमाह वाहनों का निरीक्षण आवश्यक है, लेकिन अधिकारियों द्वारा समय पर निरीक्षण रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही थी, जिसके कारण एम्बुलेंस में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की कमी की खबरें समाचार पत्रों व सोशल मीडिया में लगातार मिल रही थीं। इसे सेवाओं की निगरानी में गंभीर लापरवाही माना है। अत: सभी संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र की एम्बुलेंस का निरीक्षण कर चेकलिस्ट अनुसार रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा है। निरीक्षण में नेजल मॉस्क की उपलब्धता की जानकारी और मेडिकल ऑफिसर द्वारा निरीक्षण के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से संलग्न करने के भी निर्देश हैं।