यह विचार आचार्यश्री विजय कुलबोधि सूरीश्वर महाराज ने सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में रविवार को परिर्वतन का शंखनाद के दूसरे युवा शिविर में कहे।
जीते जी स्वर्ग मिलना चाहिए
आचार्य श्री ने कहा कि जितनी आस्था, श्रद्धा, भरोसा हम दूसरों पर रखते है, उतनी प्रभु पर रखेंगे तो कभी कष्ट और परेशानी नहीं होगी। मृत्यु के बाद स्वर्ग की बात मत करो, जीते जी स्वर्ग मिलना चाहिए। हेवन इज हियर (स्वर्ग यहीं है), उसके लिए अपने अंदर से पांच चीजों को माइनस करना पड़ेगा-एंड लेस नीड्स, हार्ट लेस फिलिंग, फूटलेस रिलेशन, काउंटलेस मिस्टके और केयर लेस एटिट्यूट को माइनस करना है।
2500 से अधिक युवाओं के हृदय परिर्वतन का प्रयास
श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेव केशरीमल जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी ने तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में 2500 से अधिक युवा एवं श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। शिविर के लाभार्थी विधायक चेतन्य काश्यप एवं परिवार रहा। शिविर के शुरुआत में मुंबई बोरीवली के संगीतकार जैनम ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी गई।