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रेलवे ने दी परिजनों को सौगात: रेलवे में पास पर आश्रित अब २१ नहीं २५ तक कर सकेंगे सफर

रेलवे ने दी परिजनों को सौगात: रेलवे में पास पर आश्रित अब २१ नहीं २५ तक कर सकेंगे सफर

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रेलवे ने दी परिजनों को सौगात: रेलवे में पास पर आश्रित अब २१ नहीं २५ तक कर सकेंगे सफर

रतलाम। रेलवे ने अपने उन कर्मचारियों को बड़ी खुश खबर दी है, जिनके बच्चे उन पर आश्रित है। अब तक आश्रित बच्चों को रेलवे में पास के लिए २१ वर्ष तक की उम्र तय कर रखी थी। इसको बढ़ाकर २५ वर्ष कर दिया गया है। हालाकि रेल संगठनों की इसके लिए मांग ३३ वर्ष करने की थी, लेकिन रेलवे बोर्ड ने फिलहाल इसको ४ वर्ष अतिरिक्त बढ़ाया है। रेल मंडल में करीब १० हजार रेल कर्मचारियों को बोर्ड के इस निर्णय से लाभ होगा।

रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर एचके सन्होत्रा ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश रेल मंडल के कार्मिक विभाग में आ गए है। नए आदेश के अनुसार अब रेल परिवार के वो बेटे जिनकी उम्र २५ वर्ष या इससे कम है उनको रेलवे में यात्रा के दौरान पास मिलेगा। अब तक ये उम्र का पैमाना सिर्फ २१ वर्ष का था। एेसे में कई बार कॉलेज की पढाई व विशेष प्रकार के कोर्स के बाद चाहते हुए भी रेलवे का पास उम्र की अधिकता होने की वजह से नहीं मिल पाता था। अब रेलवे ने इस पूर्व के नियम में बदलाव कर दिया है। नए बदले हुए नियम अनुसार वो बेटा जो आश्रित है उसको अधिक उम्र तक रेलवे का पास का लाभ मिलेगा।

नियम में किया बदलाव
ये सुविधा देने के लिए रेलवे ने अपने नियम ६०१-५ व ६०१-६ में बदलाव किया है। इस बदलाव के साथ ही ये नया आदेश लागू हो गया है। बता दे कि इसके लिए लंबे समय से रेल कर्मचारी लड़ाई लड़ रहे थे। इस लड़ाई के चलते अब जाकर इस नियम में बदलाव हुआ है। बदलाव से रेल मंडल में ट्रैकमैन, गैंगमैन, कीमैन, गु्रप डी के कर्मचारी, गु्रप सी के कर्मचाी सहित वे सभी कर्मचारी जिनके २५ वर्ष की उम्र के बेटे उन पर आश्रित है उनको सीधे लाभ होगा।

लंबी लड़ाई लड़ी है

२१ वर्ष की उम्र को फिलहाल २५ वर्ष किया गया है। इसके लिए हमारी मांग ३३ वर्ष करने की थी। उम्र बढ़ाने की हमारी मांग कायम रहेगी।
- अजयसिंह, मंडल मंत्री, ओबीसी संगठन, रेल मंडल