
रेलवे ने बदल दिया सालों पुराना नियम: ग्रुप डी के कर्मचारियों को अब जल्दी मिलेगा प्रमोशन
तीन नहीं अब दो वर्ष में मिलेगा प्रमोशन, गु्रप डी के एससीएसटी वर्ग के लिए रेलवे ने बदला नियम
रतलाम। एक तरफ जहां केंद्र की नरेद्र मोदी सरकार ने स्वर्ण वर्ग को सरकारी नौकरी में दस प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बना दिया है दूसरी तरफ रेलवे ने एसीएसटी वर्ग को नौकरी में विभागीय पदोन्नती के नियम में बदलाव कर दिया है। गुप डी के एससीएसटी वर्ग को अब तीन वर्ष के बजाए दो वर्ष में ही पदोन्नती मिल सकेगी। इसके लिए लंबे समय से एनएफआईआर आवाज उठा रही थी।
रेलवे ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को जीवन स्तर सुधारने का अवसर दिया है। इसके लिए अब दो वर्ष की नौकरी पूरी करने के बाद ही विभागीय प्रमोशन मिल सकेगा। इसके लिए तीन वर्ष में होने वाली परीक्षा को दो वर्ष में करवाया जाएगा। पहले नियुक्ति के तीन वर्ष बाद परीक्षा होती थी, अब ये दो वर्ष में होगी। परीक्षा में पास होने के बाद पदोन्नती होती थी। अब दो वर्ष में हो जाएगी।
८ जनवरी को जारी हुए आदेश
इस मामले में मंडल के वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री बीके गर्ग ने बताया कि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के लिए तीन वर्ष तक इंतजार नहीं करना होगा। ये सुविधा उनको दो वर्ष में ही मिल जाएगी। इसके लिए ८ जनवरी को रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर दिए है। मंडल में तीन हजार रेल कर्मचारियों को इससे लाभ होगा। इस मामले को सबसे पहले एनएफआईआर ने उठाया था।
इधर मंडल में दो दिन की बैठक
इधर वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन की मंडल समिति की दो दिन की बैठक रतलाम में होगी। आगामी १६ व १७ जनवरी को होने वाली बैठक में विभिन्न मामलों पर चर्चा होगी। इसमे नई पेंशन योजना का विरोध, संगठन का विस्तार, रनिंग कर्मचारियों के माइलेज भत्ते, मंडल में रिक्त पडे़ पदों को भरना, सुरक्षा व संरक्षा के लिए बने नए नियम पर चर्चा के साथ-साथ इस वर्ष रेल संगठन की मान्यता को लेकर होने वाले चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। इसमे मंडल समिति के सदस्यों व पदाधिकारियों के अलावा युवा समिति, महिला समिति सहित विभिन्न ब्रांच के पदाधिकारी भ्साी शामिल होंगे।
संरक्षा, सुविधा व सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
बोर्ड अध्यक्ष ने वीसी से की डीआरएम से बात, देश के 68 डीआरएम से दिनभर चली बात
रतलाम। भारतीय रेलवे अब ट्रिपल एस पर चलेगी। ट्रिपल एस याने यात्रियों के लिए सुरक्षा, संरक्षा व सुविधा। ये निर्णय रविवार को रेलवे बोर्ड अध्यक्ष वीके यादव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से रतलाम सहित देशभर के रेल मंडल से की गई बात के बाद तय हुआ है। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर खानपान की गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश जारी किए गए है। बड़ी बात ये रही की पश्चिम रेलवे में रतलाम मंडल के कार्यो को बेहतर हो रहा शब्द रेलवे बोर्ड अध्यक्ष यादव ने कहा, विशेषकर हैरिटेज ट्रेन के संचालन की तारीफ की गई।
रविवार सुबह का दिन रेलवे में खास रहा। सुबह १० बजे से बोर्ड अध्यक्ष यादव ने एक-एक करके सभी ६८ मंडल के डीआरएम व ब्रांच अधिकारियों से बात की। इस दौरान जब रतलाम का नंबर आया तो यहां पर कम दिनों में चुनौती के रुप में लेकर हैरिटेज ट्रेन को चलाने व पुराने हो गए ब्रिज पर एक-एक करके गडर नई डालने के कार्य की तारीफ बोर्ड अध्यक्ष यादव ने की।
ये भी बोले बोर्ड अध्यक्ष
ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए और क्या बेहतर किया जा सकता है इस बारे में विस्तार से राय ली गई। इसके अलावा ट्रैक पर ट्रेन की दुर्घटना नहीं हो, संरक्षा व यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी डीआरएम से सलाह मांगी गई। इसके अलावा ट्रेन व प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता को लेकर बोर्ड अध्यक्ष यादव ने चिंता जताई। इस दौरान सभी डीआरएम को सख्त हिदायत दी गई की वे स्वयं इस पर ध्यान देें व नियमित रुप से स्टेशन व ट्रेन में औचक रुप से जाकर जांच करें। इस दौरान बोर्ड के सदस्य यातायात, इंजीनियरिंग, पैसेंजर मार्केटिंग सहित अन्य भी उपस्थित थे।
आय बढ़ाने के मांगे सुझाव
इस दौरान रेलवे की आय किस तरह बढ़ाई जाए, यात्रा किस तरह से सुरक्षित हो, ट्रैक पर होने वाले रन ओवर को किस तरह रोका जाए, नए निर्माण कार्यो की कितनी जरुरत है, से लेकर यात्री सुविधा के बारे में एक-एक करके जानकारी ली गई। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक कमल किशौर सिन्हा के अलावा मंडल के वाणिज्य, इंजीनियरिंग, वित्त, परिचालन सहित अन्य ब्रांच अधिकारी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
Published on:
14 Jan 2019 05:30 pm
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