
दिव्य सूरिमंत्र 16 दिनी मौन एकान्त साधना रतलाम में, पढ़े क्यों है खास
रतलाम। मौन एकान्त सूरिमंत्र की 16 दिनी साधना की शुरुआत बुधवार से होगी। आचार्यश्री जिनचन्द्रसागर सूरि महाराज के मंगल सांनिध्य में लघु बंधु आचार्यश्री हेमचन्द्रसागर सूरि महाराज द्वारा सभी से दिव्य साधना की सफलता के लिए मंगलकामना-आराधना का आह्वान किया है। आराधक अधिक से अधिक आयम्बिल साधनाएं करेंगे। सूरिमंत्र मंदिर में आचार्यश्री को प्रात: उत्सवी वातावरण में प्रवेश करवाया जाएगा। आराधना के लिए अहमदाबाद से पंच धातु से विशेष तौर पर निर्मित तीन प्रतिमाएं सूरिमंत्र मंदिर में विराजित की जाएगी। धर्म जागरण चातुर्मास अंतर्गत आचार्यश्री हेमचन्द्रसागर सूरि महाराज द्वारा 16 दिनी सूरि मंत्र साधना अवसर पर आज नवरात्र प्रथम दिवस पर प्रात: शुभ वेला में कुम्भ एवं दीपक स्थापना विधि-विधान से की जाएगी।
साधना की सफलता के लिए शुभ भावना
16 दिनों से तक गौघृत से अखण्ड दीपक प्रज्जवलित किया जाएगा। बहनें गहूली और मंगल प्रदान करते हुए मंगल कलश की प्रदक्षिणा कर साधना की सफलता के लिए शुभ भावना करेगी। प्रतिदिन देवी स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का सम्मान सत्कार करते हुए साधार्मिक भक्ति के साथ जीवदया के लिए सेवा कार्य किए जाएंगे। आराधक आयम्बिल तप के साथ जप-तप दान करेंगे। प्रतिदिन 5 श्रावक गौतम स्वामी का 7 हजार सफेद पुष्पों से पूजन करेंगे। साधना के लिए पंचधातु से अहमदाबाद में निर्मित प्रभु महावीर स्वामी, ऋषभ देव एवं चन्द्रप्रभुजी की प्रतिमाएं करमचंद जैन मंदिर अयोध्यापुरम् में विराजित की जाएगी। प्रात:कालीन आगम वाचना के पश्चात आचार्यश्री चतुर्विद् संघ के साथ आराधना के लिए सूरीमंत्र मंदिर में मंगलप्रवेश करेंगे।
रतलाम में संयोग बना...
आचार्यश्री हेमचन्द्रसागर सूरि महाराज ने मौन एकान्त साधना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिनशासन व्यवस्था संचालन के लिए पवित्रता, प्रभावकता एवं प्रतिभा जरूरी है। इस साधना से इन तीनों ही गुणों का अवतरण साधक के हृदय में गणधर गौतम स्वामी की कृपा से होता है। इस साधना के लिए मेरी हर वर्ष भावना रहती है, लेकिन इस मर्तबा रतलाम में यह संयोग बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी मेरी साधना की सफलता के लिए शुभ संकल्प करें। इन 16 दिनों में मैं सम्पूर्ण रूप से मौन एकान्त में रहकर साधना में तल्लीन रहूंगा। शरद पूर्णिमा पर साधना पूर्णता पर फिर से आप सभी के बीच आऊंगा।
आगम सूत्र की वाचना...
इसके पूर्व आचार्यश्री ने 45 आगम सूत्र परिचय वाचना के तहत पापों का वर्गीकरण और 10 प्रकार से प्रायश्चित के बारे में समझाया। गणिवर्यश्री विरागचंद्रसागर महाराज ने कहा कि नवरात्र शक्ति की उपासना का महापर्व है। आचार्यश्री की 16 दिनी मौन एकान्त साधना से शक्ति का अवतरण होगा। गणिवर्यश्री पद्मचंद्रसागर महाराज ने व्यवहार सूत्र का वाचन किया। आगम सूत्र वाचना लाभार्थी अरविन्द भाई निलेश भाई पोरवाड़ द्वारा आचार्यश्री की निश्रा में चल समारोह निवास स्थान से आगमोद्धारक वाटिका तक लाया गया। जहां उन्हें ग्रंथ वोहराया गया। ग्रंथ वाचना का प्रतिदिन बड़ी संख्या में समाजजन लाभ ले रहे है। संचालन मोहनलाल कांसवा ने किया।
Published on:
10 Oct 2018 10:04 am
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