शरीर के सभी अंगो में आंखों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। आंखों के बिना संसार में ही अंधकार है। काजल को आंखों का महत्वपूर्ण गहना माना जाता है। इससे आंखें बड़ी और आकर्षक दिखाई देती हैं। आंखें बहुत ही संवेदनशील होती हैं जो बहुत जल्दी और आसानी से संक्रमण की चपेट में आ जाती हैं।
आंखों को संक्रमण का खतरा
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप व्यास बताते है कि अधिकतर बाजार में मिलने वाले कैमिकल युक्त आई प्रोडक्ट्स से होता है। ऐसे में जितना हो सके प्राकृतिक वस्तुओं और पद्धार्थों का प्रयोग करना सुरक्षित रहता है। अब जब काजल आँखों का सबसे प्रिय मित्र है तो क्यों न सबसे पहले घर पर बने काजल से शुरुआत की जाए।
एकत्रित करें जरुरी चीजें
एक ही आकार के दो कपए एक तांबे की प्लेट, सरसों या अरंडी का तेल, मिट्टी का दिया, रूई, शुद्ध देशी घी, एक छोटी खाली डिबिया, काजल रखने के लिए साथ में ले।
प्राकृतिक काजल बनाने का तरीका
सबसे पहले दोनों कपों को थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रखें, गैप इतना होना चाहिए कि उनके बीच मिट्टी का दिया आ सके। दोनों कपों के ऊपर तांबे की प्लेट उल्टी करके रखें। दिये में सरसों या अरंडी का तेल डालकर उसमें रूई की बत्ती डालें और दिया जला दें। दिये को दोनों कपों के बीच में रखें और ध्यान रहे कि दिये की लौ प्लेट तक पहुँच रही हो। अब इसे 20 से 25 मिनट या पूरी रात के लिए छोड़ दें। प्लेट ठंडी होने पर उसे सीधा करें और उस पर जमी कालिख को खुरचकर खाली डिबिया में डाल लें। अब इस राख में कुछ बूँदें शुद्ध देसी घी की मिलाकर स्मूद पेस्ट बना लें। काजल का पेस्ट सामान्य हो अर्थात न ज्यादा गाढ़ा और न ज्यादा पतला। कॉटन बड की सहायता से होम मेड काजल लगाएं और आँखों को सुरक्षित व सुंदर बनाएं।