27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्नी को फंसाने के लिए बेगुनाह की कर दी हत्या

- जेल में ही सीख लिए हथकंडे पुलिस से बचने के मोबाइल बदल कर लोकेशन गायब करने की कोशिश

4 min read
Google source verification

image

vikram ahirwar

Jul 09, 2016

Ratlam News - Wife to implicate Innocent of Has th

Ratlam News - Wife to implicate Innocent of Has the killing


रतलाम.

कहते अपराधी कितना भी शातिर हो एक न एक दिन पुलिस के हाथ लग जाता है। एेसी शहर की एक मर्डर मिस्ट्री पर से स्टेशन रोड पुलिस ने पर्दा उठाकर शातिर हत्यारे को शनिवार को गिरफ्तार किया। जिसने अपनी पत्नी व उसके साथियों से बदला लेने के लिए एक बेगुनाह व्यक्ति को मजदूरी दिलाने के बहाने एकांत में ले जाकर हत्या कर दी। उसके बाद उसकी जेब में एक कागज रखा। जिसमें पत्नी और उसके साथी कुछ लोगों का नाम था। जो मानव तस्करी से जुड़े है। जिससे पुलिस का सीधा शक उन पर जाए और स्वयं गायब हो गया। यहां तक की मोबाइल भी हर दिन इस्तेमाल कर अन्य को बेचता गया। जिससे उसकी लोकेशन तक का पता नहीं चल पाए।


एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि 5 जुलाई की शाम करीब पांच बजे सम्यक रेजीडेंसी के पीछे रेलवे ट्रेक के ब्रिज पर एक युवक का शव मिला था। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। जिसके सिर पर चोट व हाथ में फ्रेक्चर व पसली भी टूटी हुई थी। पुलिस ने हत्या के प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। चार दिन में अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाकर आरोपी सीतामऊ मानपुरा निवासी रामंचद्र (35) पिता भगवान लाल बागरी को गिरफ्तार किया। जिसने 4 जुलाई को रतलाम रेलवे स्टेशन पर एक युवक उसे मिला। जिसे मजदूरी दिलाने के नाम पर अपने साथ ले गया। रेलवे क्यू ट्रेक पुलिया कि पास बबूल की लकड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी और जेबज में चिट्ठी रखकर वापस रेलवे स्टेशन आकर सो गया। उक्त घटना का पर्दाफाश मोबाइल ट्रेसिंग और सीसीटीवी फुटैज से पुलिस ने किया है।

मृतक के पास मिली चि_ी

सीएसपी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि मृतक की जेब से मिली एक पॉलीथिन में एक कागज पर लिखी चिट्ठी मिली थी। जिसमें पांच मोबाइल नंबर लिखे मिले थे। जिनकी पुलिस ने तस्दीक शुरू की थी। वहीं चिट्ठी में लिखा था कि मुकन आलोट के पास विलम बरडिया मंदसौर के पास मैने 80 हजार रुपए लेकर जा रहा हूं। इन्होंने औरत की बात की थी कि हमारे पास एक औरत है, आप के घर में एक औरत लाकर आपको दे देंगे तो मैने इनका नाम पता लिखकर मेरे जेब में कागज रखा था। पुलिस को बता सकू वे लोग औरत बेचते है। मुझे डर है कि वह धोखा न कर दे, इसीलिए जेब में चिट्ठी रखी है। एक औरत मानपुरा की भी इन्होंने बेची है। उसका नाम भूली बाई बागरी है। पुलिस ने चि_ी के आधार पर चाल शुरू की। मोबाइल नंबरो का विश्लेषण करके एक नंबर एेसा था जो कि अधिकांश मोबाइल नंबर में कामन था। इसी क्लू के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। यह नंबर भूली बाई का था जो कि आरोपी की पत्नी है। इसी स्त्री के कारण आरोपी पति रामचंद्र ने एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर भूली बाई से संबंध रखने वाले अथवा जानकारी रखने वाले लोगों को फंसाने के लिए चिट्टी छोड़कर षडयंत्र रचा गया। आरोपी ने मित्र भागोर निवासी गणेश डांगी से एक चि_ी लिखाई थी। जिसमें विनोद, प्रभू, मुकन, तुलसीबाई्र आदि के नाम लिखकर तथा मोबाइल नंबर लिखकर नीचे मनगड़त कहानी बनाई थी।

जेल में ही सीखे हथकंडे

आरोपी रामचंद्र की शादी भूली बाई बागरी से करीबन 15 साल पहले हुई थी। जिससे उसके तीन बच्चे है। आरोपी दिनांक 25 मई 2014 के दुष्कर्म के प्रकरण में थाना सीतामऊ में बंद हुआ था। जहां से 16 माह तक के लिए मंदसौर जेल में बंद रहा। आरोपी इसी न्यायालय द्वारा 10 साल की सजा से दंडित किया गया है। अभी जमानत पर था, आरोपी सितंबर 2015 में जेल से छूटा। आरोपी की पत्नी विनोद कचनारा वाले के साथ चली गई थी। मार्च 2016 में पुन: भूली बाई किसी और के साथ भाग गई। आरोपी उसे तलाशने के लिए रतलाम आया था। इस दौरान भूली बाई के संबंध में साढू प्रभू बागरी, मुकन बागरी, विनोद कचनारा से बातचीत की, किंतु भूली बाई नहीं मिली। विनोद द्वारा आरोपी को तुलसीबाई नंबर दिए गए। उसने बताया कि भूली बाई तुलसी बाई के पास है। आरोपी को तुलसी बाई द्वारा भूली बाई के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। आरोपी को यह शंका थी कि सभी लोगों को भूली बाई की जानकारी है। किन्तु बता नहीं रहें हैं। आरोपी ने सभी को फंसाने की साजिश रची थी।

हत्यारा शराबी के साथ पुराना शातिर चोर भी

थाना प्रभारी अजय सारवान ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर से दो मोबाइल लेकर 1 जुलाई को मानपुरा से भूली बाई को तलाशने के लिए रतलाम के लिए निकला था। इसके द्वारा रेलवे स्टेशन पर अपना आश्रय स्थल बनाया। शराब के आदत चलते कलाली पर गया तथा अपना एक मोबाइल दो सौ रुपए में मोहन को बेच दिया। कलाली से एक अन्य मोबाइल फोन चुराया तथा 750 रुपए में शेरे पंजाब होलकर्मी मानसिंह पारगी को बेच दिया। उसके बाद एक अन्य मोबाइल 400 रुपए में कन्हैयालाल के यहां गिरवी रख दिया था। यह अच्छा मोबाइल था, जो आरोपी तीन दिन पश्चात यहां मोबाइल फोन लेने आया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

दस हजार का ईनाम

एसपी अविनाश शर्मा ने टीम में सीएसपी विवेक सिंह, टीआर्ठ अजय सारवान, एसआई राजलमल दायमा, रामसिंह खपेड़, एएसआई आरसी लक्ष्ज्ञकार, आईएम खान, प्रधान आरक्षक सुशील त्यागी, संतोष अग्निहोत्री, आरक्षक राहुल जाट, हिमांशु यादव, रतनकोल्हे, कमेश चौहान, अरविंद बारिया, संदीप चौहान, संजय सोनावा, योगेंद्र जादौन, मुकेश शर्मा , दिलीप सिंह और साइबर के रितेश व मनमोहन सिंह को दस हजार रुपए का ईनाम घोषित किया है।