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रतलाम रेल मंडल डीजलशेड को मिली शील्ड

भारतीय रेलवे के अंर्तगत आने वाले रतलाम रेल मंडल के डीजलशेड ने सबसे पहले 2019 में बिजली इंजन सुधारना शुरू किया था। इसके बाद जो रफ्तार पकड़ी वो अब तक कायम है।

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Ratlam Rail Division Diesel Shed got shield

Ratlam Rail Division Diesel Shed got shield

रतलाम. भारतीय रेलवे के अंतर्गत आने वाले रतलाम रेल मंडल के डीजलशेड ने सबसे पहले 2019 में बिजली इंजन सुधारना शुरू किया था। इसके बाद जो रफ्तार पकड़ी वो अब तक कायम है। बेहतर काम के चलते डीजलशेड को पश्चिम रेलवे ने दक्षता शील्ड दी है।

डीजल शेड ने बहुत ही कम समय में इलेक्ट्रिकल व डीजल लोकोमोटिव के मेंटेनेंस के मामले में पूरे पश्चिम रेलवे में अपना प्रथम स्थान बनाया है। इस कीर्तिमान को बनाने के लिए डीजल शेड प्रशंसा का पात्र है। यह बात मंडल रेल प्रबंधक विनीत गुप्ता ने रतलाम डीजल शेड को पश्चिम रेलवे मुख्यालय मुंबई द्वारा लोकोमोटिव के रखरखाव हेतु प्रदान की गई शील्ड मिलने के अवसर पर व्यक्त किए। डीआरएम गुप्ता ने कहा कि डीजल शेड पूरी तरह इलेक्ट्रिक शेड में परिवर्तित हो रहा है और जिस तरह डीजल शेड रतलाम के अधिकारी वह कर्मचारी अल्प समय में ही विश्वसनियता प्राप्त कर डीजल व इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का मेंटेनेंस कर रहे हैं, उससे आशा बंधी है कि शीघ्र ही डीजल शेड विद्युत लोको के मरम्मत कार्य में सफलता पा लेगा।

वर्तमान में 79 इलेक्ट्रिक


इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर डीजल राजीव नारायण भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में 79 इलेक्ट्रिक व 63 डीजल लोकोमोटिव के मेंटेनेंस का कार्य डीजल शेड में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शेड में सितंबर 2019 से विद्युत लोकोमोटिव के मेंटेनेंस कार्य प्रारंभ किया गया, क्योंकि पिछले 2 वर्षों में करोना समस्या होने के बावजूद सारी चुनौतियों का सामना करते हुए डीजल शेड के कर्मचारियों ने अपनी पूरी मेहनत एवं लगन और क्षमता के साथ कार्य किया। जिसके परिणाम स्वरूप डीजल शेड पश्चिम रेलवे में अपने लक्ष्य पाने में सफलता प्राप्त की। वर्तमान में डीजल शेड में कई मॉड्यूल्स पर कार्य किया जा रहा है तथा आगे भी इसके विकास के लिए कार्य किए जाने की योजना को अंतिम रुप दिया जा रहा है। इसके पूर्व कार्य दक्षता शील्ड को मुंबई से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में लाया गया। वहां पर डीआरएम व अपर रेल प्रबंधक केके सिन्हा ने शील्ड का स्वागत किया गया।