
अफसर ने कर दी आरटीओ दफ्तर की छुट्टी, सीएम दौरे का बहना लेकर नहीं किया कोई काम
जावरा में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आगमन पर परिवहन विभाग ने की मनमानी, छुट्टी की सूचना लगाकर नहीं किया कोई काम
रतलाम. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान प्रदेश की अफसरशाही को जनता के कार्यो में लापरवाही नहीं करने के लिए बार बार कह रहे है, लेकिन अफसर भी मुख्यमंत्री के निर्देशों को हवा में उड़ाने के नए अवसर तलाश ही लेते है। ऐसा ही मामला रतलाम जिला मुख्यालय पर सामने आया है। बुधवार को मुख्यमंत्री जावरा में राज्य स्तरीय बिजली बिल माफी योजना के कार्यक्रम में शामिल होने आए। इस कार्यक्रम में हितग्राहियों को रतलाम के साथ ही मंदसौर, नीमच और उज्जैन जिले से लाया गया। यह जिम्मा जिला परिवहन के पास था। ऐसे मेंं विभाग ने अपने दफ्तर के बाहर बकायदा एक सूचना पत्र लगाकर यह जानकारी दे दी कि मुख्यमंत्री की रैली मेंं वाहनों की व्यवस्था के कारण आज किसी भी प्रकार का कोई कामकाज नहीं किया जाएगा। इस सूचना पत्र के साथ आज्ञा से जिला परिवहन अधिकारी रतलाम का पदनाम भी दर्शाया गया। दफ्तर मेंं कार्य नहीं होने की इस सूचना के बाद सभी शाखाओं में लोगों को यही जवाब भी मिलता रहा। इससे लाइसेंस सहित अन्य कार्यो के लिए परिवहन विभाग पहुुंचे ज्यादातर लोग बिना कार्य के वापस लौट गए।
हमेशा विवादों मेंं रहा है रतलाम का परिवहन विभाग
रतलाम का परिवहन विभाग कार्यालय हमेशा विवादों में रहा है। पूर्व में जावरा रोड पर कार्यालय के दौरान एजेंटों का आपसी विवाद और परिवहन अधिकारी की मौजूदगी में कमीशन का खेल चलता रहा। अब नीमच-इंदौर हाइवे के खाराखेड़ी में बने नए भवन मेंं कार्यालय शिफ्ट हो गया है। यहां भी दलालों की भूमिका कम नहीं हो रही है। आए दिन परमिट एवं वाहनों के दस्तावेज से जुड़े मामले सामने आते है। वहीं, अवैध रूप से संचालित बसों को लेकर भी विभाग कार्रवाई नहीं करने के कारण सवालों में आया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों का बकाया भी नहीं दे रहे
रतलाम परिवहन विभाग प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के लिए निजी बस ऑपरेटरों से बसें तो लेता है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं करता। करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा की राशि पीएम और सीएम के कार्यक्रमों में बसे भेजने वाले ऑपरेटरों की बकाया है। बुधवार को भी जावरा के कार्यक्रम के लिए 35 बसों को अधिगृहित किया गया था।
अवकाश के नहीं दिए निर्देश
किसी को भी अवकाश के निर्देश नहीं दिए गए थे। हर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी। आरटीओ में लगी अवकाश संबंधी सूचना की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएगी।
रुचिका चौहान, कलेक्टर
स्टॉफ नहीं है पर्याप्त
कार्यालय में स्टाफ नहीं के बराबर है। बुधवार को सभी की ड्यूटी मुख्यमंत्री के कार्याक्रम में लगी थी, जिसके चलते दफ्तर में कोई नही था। स्टाफ के नहीं मिलने से समय खराब ना हो इसलिए एक दिन बाद आने की सूचना लगाई गई थी।
-जया वसावा, आरटीओ रतलाम
Updated on:
12 Jul 2018 05:31 pm
Published on:
12 Jul 2018 05:28 pm
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