
अनजान हमदर्द से रहें सावधान नहीं तो यह भी हो सकता है....
रतलाम। शहर में आकर दो ठगों ने दो बैंकों के सामने दो घंटे के अंतराल में दो युवकों को कागज की गड्ढ़ी थमाकर 50 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस ने मौके से मिले संदिग्धों के सीसीटीवी फुटैज के आधार पर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रथम मामला
एसआई विजय सागरिया ने बताया कि प्रार्थी हर्ष जादौन पिता विरेंद्र सिंह जादौन उम्र 18 वर्ष निवासी गांधीनगर ने शिकायत दी है कि वह सुबह करीब 11 बजे बैंक शाखा एसबीआई कस्तूरबा नगर में आया और अंदर जमा रसीद फार्म किसी अज्ञात दो व्यक्ति ने फार्म भरा और बोला कि तुम रुपए निकलने से पहले मेरे साथ बाहर चलो। फिर बोले हमारे पास पचास हजार रुपए है, तुम्हारे पास कितने है। उसने बताया कि 20 हजार रुपए है। वो बोले ये 20 हजार रुपए हमे दे दो और बदले में कागज के रुपए का बंडल पकड़ा दिया। यह सब कहते हुए मुझे बैंक से पद श्री रेस्टोरेंट कलाली तक लेकर आए और वहीं रुपए छीन कर भाग निकले। पुलिस को एकाएक युवक की बातों पर यकीन नहीं हो रहा है। पुलिस शिकायत पर जांच कर रही है।
द्वितीय मामला
स्टेशन रोड थाना के एसआई राम सिंह खपेड़ ने बताया कि बजरंग नगर निवासी शेर मोहम्मद शाह (38) पिता सुचान शाह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह सिलावटी का काम करता है। आज दोपहर करीब एक बजे कृषि उपज मंडी स्थित बैंक ऑफ इंडिया में पैसे निकालने गया था। वह खाते से तीस हजार रुपए निकालकर गिन रहा था। केशियर ने १०० रुपए की तीन गड्ढ़ी दी थी। तीसरी गड्ढ़ी गिन रहा था कि एक काली टीशर्ट वाला व्यक्ति आया। उसने पेन मांगा तो पेन दे दिया तो वह कुछ जमा कराने के लिए फार्म भरने लगा। उसने उसके रुपए उसकी पास रखी कागज वाली थैली के पास रा दी। इतने में दूसरा सफेद शर्ट पहने व्यक्ति आया। उसने बोला की मेरा फार्म भर दो। मेरी बहन की शादी का पैसा जमा करना है। फरियादी ने बोला कि उसे फार्म भरना नहीं आता है। बैंक वाले भर देंगे। वह बोला बैंक वाले नहीं भर रहें हैं। इतने में काली टीशर्ट वाला व्यक्ति बोला मैं मदद कर देता हूं। उसने कहा कि पैसे भेजने के लिए आईडी की भी जरूरत होती है। उसने बोला कि आईडी नहीं होगी तो मेरी लगा दूंगा और बोला कि बाहर चलो बाहर बात करते हैं। फरियादी ने कहा उसका काम हो गया, वह जा रहा है। वह दोनों भी उसके साथ बाहर आ गए। सफेद शर्ट वाला व्यक्ति रोने लगा व बोलने लागा कि मैने कुछ खाया नहीं है, भाईजान मेरी मदद करो। टीशर्ट पहने वाला बोला होटल किधर है। फरियादी ने गेट की तरफ ईशारा किया। उसने कहा थोड़ी आप भी मदद कर दो। पोस्ट आफिस से इसके पैसे भेज कर मदद कर देंगे। होटल पहुंच गए, काली शर्ट वाला बोला कि इसका नाम पता तुम नोट कर लो मैं डीडी बनवा दंूगा तो मैं सफेद शर्ट वाले का नाम पता पूछने लगा। उसने अपना नाम रमेश कुमार पिता रत्तीलाल शर्मा निवासी तारापुर पोस्ट मालेगांव नासिक बताया। तभी वह बोला कि मुझे खले पैसे की जरूरत है और पास वाले ने तीन पांच-पांच सौ कि निकाल कर मेरी तरफ बढ़ाई तो मैने कहा कि नकली तो नहीं है और काली टीशर्ट वालो को चैक करने को बोला था तो उसने नोट देखी और बोलने लगा कि तेरे को खुल्ले पैसे की क्या जरूरत है। खुल्ले पैसे चाहिए तो मुझ से ले ले। उसे पैसे निकाल कर दे दिए। गुटखा पाउच लाकर दिया। काली टी ार्ट वाला व्यक्ति कही निकल गया। । पता लिखते हए थेली पर नजर पड़ी तो कागज बराबर जमे थे। जो देखा मेरे रुपए कि तीन गड्ढी गायब हो गई। मैने काह कि मेरे पैसे कहां हैं। उसने कहा कि उसके साथ वाला बोला कि मेरे पास डेढ लाख रुपए कि गड्ढ़ी तुम पकड़ो। मैं ढूंढता हूं। तुम गाड़ी लेकर आओ, वह बाइक लेकर आया तो सफेद शर्ट वाला भी गायब हो गया। उसे बातों में लगाकर तीस हजार रुपए निकाल लिए ओर कागज की गड्ढी हाथ में थमा गए।
Published on:
12 Jul 2018 12:49 pm
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