
रतलाम। जिले में नियम तोड़कर चलने वाली स्कूल बसों में नियमों के मुताबिक अब हर काम परिवहन विभाग कराएगा। इसके लिए विभाग बसों की जांच के दौरान उन्हें जब्त कर कार्यालय या फिर पुलिस लाइन में खड़ा कराएगा और वहीं पर मैकेनिक को बुलाकर बसों को गाइड लाइन के मुताबिक तैयार कराया जाएगा। जब तक बसें सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक तैयार नहीं होगी, तब तक विभाग उन्हें नहीं छोड़ेगा। बसों में काम होने के बाद उसमें आने वाले खर्च का बिल स्कूल संचालकों को भुगताना होगा।
स्कूल संचालक व बस ऑपरेटरों की मनमानी और लगातार नियमों को तोडऩे के मामले में कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने अनफि ट स्कूल बसों को शिविर आयोजित कर रोड पर चलने योग्य दुरूस्त कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी जया वसावा को निर्देशित किया कि प्रत्येक सब डिवीजन वार स्कूल बसों का फि टनेस जांचा जाए और उनकी लिस्टिंग की जाए, जो बसे फि टनेस के लिए तय मापदंडों को पूर्ण करती है, उन्हें फि टनेस सर्टिफि केट जारी करे और शेष बसों के लिए शिविर लगाए।
इन सब नियमों की होनी चाहिए पूर्ति
कलेक्टर ने स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर, पोल्यूशन नियंत्रक, सीसीटीटी कैमरा, जीपीएस प्रणाली, आपातकालीन निकास द्वार, फ स्र्ट एड बॉक्स व लेडी अटेंडर की अनिवार्यता की बात कही है। यदि स्कूल बसें इन समस्त संसाधनों से युक्त होगी तभी बच्चों के परिवहन के लिए परमिट जारी रखे जाएेंगे। वहीं कंडम बसों को जिला परिवहन कार्यालय में खड़ा कराने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य परीक्षण भी होगाकैंपस में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम द्वारा बस कंडक्टर चालक का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। जिले के सभी एसडीओ उक्त अभियान में सक्रिय सहभागिता करेंगे।वहीं जिन बसों की जांच के दौरान अब तक उनके चालक कागजात पेश नहीं कर सके है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
16 Jan 2018 11:28 am
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