
ratlam scince and arts college latest news
रतलाम. लंबी मांग के बाद रतलाम के शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय में उज्जैन विक्रम विश्व विद्यालय के रीजनल कार्यालय की शुरुआत हुई थी। करीब चार साल चलने के बाद इसको इसलिए बंद कर दिया, क्योंकि कार्यालय चलाने के लिए फंड ही मंजूर नहीं हो पाया। कॉलेज प्रबंधकों के अनुसार ऐसे में जिनको संविदा पर रखा गया, उनको वेतन देने के लाले पड़ गए। तब से अब तक रतलाम, मंदसौर व नीमच जिले के करीब 50 हजार बच्चों को छोटे - छोटे काम के लिए उज्जैन की और दौड़ लगाना पड़ रही है।
वर्ष 2012 - 2013 में शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य एसके जोशी के कार्यकाल में उज्जैन विक्रम विश्व विद्यालय का रतलाम में रीजनल कार्यालय खोला गया। इसका उद्देश्य ये था कि रतलाम, मंदसौर व नीमच के कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नामांकन नंबर सहित अन्य काम के लिए उज्जैन न पड़े और उनका उज्जैन जाने का समय व धन की बचत हो।
तीन साल ही चल पाया - वर्ष 2012 - 2013 में शुरू हुआ विक्रम विश्व विद्यालय का रीजनल कार्यालय तीन साल ही चल पाया। इसके बाद इसको बंद कर दिया। तब से अब तक फिर से ये पूरी सुविधाओं के साथ शुरू हो पाए इसके प्रयास तक किसी ने नहीं किए। यहां तक की कॉलेज में जनभागीदारी समिति के इस बीच अध्यक्ष बदलते गए, लेकिन उन्होंने भी इसके लिए प्रयास नहीं किए। यहां तक की छात्रों की समस्याओं पर ढ़ोल बजाने वाले छात्र संगठनों तक ने इस मामले में आवाज नहीं उठाई।
इससे होता ये लाभ
विक्रम विश्व विद्यालय के रीजनल कार्यालय का सबसे बड़ा लाभ तो ये है कि सीबीएसई से कॉलेज में आए विद्यार्थियों को इस समय नामांकन नंबर के लिए उज्जैन जाना होता है। जबकि रीजनल कार्यालय होने से ये कार्य रतलाम में ही हो जाएगा। इसी प्रकार परीक्षा के आवेदन, परीक्षा के रिजल्ट में कोई सुधार करवाना हो तो इस समय नीमच - रतलाम से लेकर मंदसौर तक के विद्यार्थी को उज्जैन की दौड़ लगाना होती है, जबकि रतलाम में ये सुविधा होने से कम समय में विद्यार्थियों के काम हो जाते।
फैक्ट फाइल
जिला कॉलेज कुल विद्यार्थी
रतलाम 20 23000
मंदसौर 11 15000
नीमच 07 9000
वेतन तक नहीं मिला
पूर्व के समय में कॉलेज में विश्व विद्यालय का रीजनल कार्यालय खुला था। उस समय किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिली। यहां तक की वेतन की भी परेशानी आती थी, इसलिए इसको बंद कर दिया। पूरी सुविधा के साथ इसकी शुुरुआत हो, ये सभी चाहते है।
- प्रो. वायके मिश्रा, प्राचार्य, शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय
Published on:
10 Sept 2023 09:06 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
