
मेलों के रूप में हमें सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना होगा
रतलाम। मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र हैं। इन्हें सहेजना होगा तभी हमारी संस्कृति को सहेज पाएंगे। हमें मेलो का आयोजन उत्साहपूर्वक करना चाहिए ताकि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को विरासत का रूप दे सकें। वर्तमान समय में मेले संकुचित हो रहे है। हमें मेलो का विस्तार करना चाहिए और मेला स्थलों का उपयोग सिर्फ मेला आयोजन के लिए उपयोग हो, अन्य कार्य के लिए नहीं तभी हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बचा पाएंगे।
यह बात महापौर प्रहलाद पटेल ने बुधवार को 11 दिवसीय त्रिवेणी मेले की शुरुआत पर कही। शुभारंभ पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लूनेरा, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, निगम आयुक्त हिमांशु भट्ट, सामान्य प्रशासन समिति प्रभारी धर्मेन्द्र व्यास, राजस्व समिति प्रभारी दिलीप गांधी, पार्षद एवं एमआईसी सदस्य विशाल शर्मा, अक्षय संघवी, अनिता कटारा, मनोहरलाल राजू सोनी, रामूभाई डाबी, सांसद प्रतिनिधि राजेन्द्र पाटीदार के अलावा अन्य मौजूद रहे। महापौर पटेल ने पूजा अर्चना करके मेले की शुरुआत की। आयोजन में बलवंत भाटी, अशोक जैन लाला, कृष्ण कुमार सोनी, पार्षद आदि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हमारा भारत देश उत्सवों का देश है। हमारे देश में आयोजित मेले भी उत्सवों की तरह मनाये जाते है तथा मेले में सभी वर्गो का समावेश होने से मेले एकता का प्रतीक है। नगर का त्रिवेणी मेला शहरी व ग्रामीण जनता के मिलन का मेला है।
मनीषा शर्मा, नगर निगम सभापति
नगर निगम मेलों का आयोजन कर हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखकर प्रशंसनीय कार्य कर रही है। हमारा भी कर्तव्य है कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखकर आने वाली पीढ़ी को दें।
राजेंद्रसिंह लुनेरा, भाजपा जिलाध्यक्ष
Published on:
15 Dec 2022 05:43 pm
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