3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चेहल्लुम : हुसैन टेकरी का किराया चौपाटी से 15, सिटी से 10 रुपए लगेगा

चेहल्लुम : हुसैन टेकरी का किराया चौपाटी से 15, सिटी से 10 रुपए लगेगा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रतलाम

•

image

Akram Khan

•

Updated: 22 Oct 2018, 5:37 PM IST

patrika

चेहल्लुम : हुसैन टेकरी का किराया चौपाटी से 15, सिटी से 10 रुपए लगेगा

रतलाम। विश्व प्रसिद्ध हुसैन टेकरी शरीफ जावरा पर चल रहे दस दिनी चेहल्लुम के दौरान देश भर यहां पहुंचने वाले जायरीन के हुसैन टैकरी पर पहुंचने के लिए शहर में संचालित यात्री वाहनों का उपयोग करना पड़ता हैं। यात्री वाहनों द्वारा बाहर से आए जायरीनों के साथ किसी प्रकार की लूट ना की जाए और मनमानी वसूली ना हो सके, इसके लिए रविवार को शहर थाना पर थाना प्रभारी श्यामचन्द्र शर्मा ने ऑटो, मिनीडोर चालकों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए किराया सूची और वाहनों का रूट तय किया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया चौपाटी से हुसैन टेकरी तक का किराया प्रति सवारी 15 रुपए तथा बाजार क्षेत्र से टैकरी तक का प्रति सवारी किराया 10 रूपये तय किया गया है। बैठक में रूट भी तय किया गया। चौपाटी से निकलने वाले ऑटो ओर मिनीडोर थाना रोड़ से जेल रोड़ होते हुए ईदगाह तथा बेगमपुरा रोड़ तरफ से निकलेगे। वहीं सिटी क्षेत्र से टेकरी जाने वाले वाहन तालनाका तरफ से होते हुए पहुंचेगे। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फाटक से 400 मीटर में अस्थायी स्टैंड
थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया रेलवे फाटक से 200 मीटर तक मिनीडोर के लिए अस्थाई स्टेंड बनाया गया है। इसके समीप ही 200 मीटर के दायरे में ऑटों स्टेंड रहेगा। शर्मा ने चालको को हिदायत दी है कि वे आने वाले जायरिनों के साथ बदसलुकी नही करे तथा सभ्यता से पेश आए। वाहन ओव्हर लोडिंग बिल्कुल भी ना हो वरना चालानी कार्रवाई की जाएगी।
----------
निकला जुलूस, मजलीस हुई

रतलाम। विश्व प्रसिद्ध हुसैन टैकरी शरीफ जावरा पर हुसैन मिशन और इदारा हुसैन टैकरी शरीफ द्वारा मनाए जा रहे दस दिनी चेहल्लुम के दूसरे दिन हुसैनी मिशन द्वारा सुबह इमामबाड़े से अलम शरीफ का जुलूस निकाला गया। जो हुसैन टैकरी के सभी रोजो पर जियारत करते हुए टॉप शरीफ के रोजे पर पहुंची।
हुसैन मिशन के अफजल मुकादम ने बताया कि जुलूस के मोला अली के छोटे रोजे पर पहुंचने के बाद मजलीस का आयोजन हुआ। उसके बाद जुलूस पुन: इमामबाड़े पर पहुंचा। रात में बड़े रोजे पर मजलीस का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में शिया सम्प्रदाय के सदस्यों ने शिरकत की।