
रतलाम। रेलवे कॉलोनी में जाने के लिए तो बेहतर डामर की सड़क बना दी गई, लेकिन करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी जहां से प्रतिदिन निकलते है वहां अब तक जर्जर सड़क बनाने के बारे में रेलवे विचार नहीं कर रहा है। यहां पर न सिर्फ डीजलशेड जाने वाले कर्मचारी बल्कि रेलवे की आवासीय कॉलोनी में रहने वाले भी परेशान हो रहे हैं। अब पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने कहा है कि एक पखवाडे़ में इस बारे में निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन की रुपरेखा बनाई जाएगी।
करीब तीन किमी तक जर्जर
असल में बकरा पुल के करीब से जैसे ही कर्मचारी डीजलशेड के लिए जाते हैं, वहां से खराब सड़क शुरू हो जाती है। करीब तीन किमी तक के क्षेत्र में डीजलशेड पहुंचने तक बेहद खराब स्थिति में है। डीजलशेड में तीन पाली में करीब एक हजार कर्मचारियों का यहां से प्रतिदिन आना-जाना होता है। इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग यहां ध्यान नहीं दे रहा है।
जवाबदेही रेलवे के कार्य इंजीनियरिंग विभाग की
असल में रखरखाव कार्य की जवाबदेही रेलवे के कार्य इंजीनियरिंग विभाग की है। बार-बार कहने के बाद भी इस और ये विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। कुछ दिन पूर्व यहां पर बाइक पलटने की घटना हुई थी। इससे दो रेलकर्मी गंभीर रुप से घायल हुए थे। इसके बाद ये भरोसा दिलाया गया था की यहां पर सुधार कार्य होगा।
अब आंदोलन की चेतावनी
इस मामले में पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने कर्मचारियों की पीड़ा समझी है। परिषद ने बयान जारी कर कहा है कि कर्मचारियों की पीड़ा को समझना बेहद जरूरी है। इसलिए तुरंत यहां पर रखरखाव कार्य होना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार विभाग को एक पखवाडे़ का समय सौपा गया है।
आंदोलन अंतिम विकल्प है
इस मामले में जिम्मेदारों से तुरंत रखरखाव कार्य करने के लिए कहा गया है। एक पखवाडे़ तक इसका इंतजार किया जाएगा। न तो आंदोलन अंतिम विकल्प हमारे पास खुला हुआ है।
- शिवलहरी शर्मा, महामंत्री, पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद
शीघ्र की जाएगी मरम्मत
रेलवे के अधिन वाले क्षेत्र में सड़क खराब है तो इसकी मरम्मत शीघ्र की जाएगी। इसके लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। रेलकर्मी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Published on:
27 Nov 2017 10:36 am
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
