रतलाम।
स्टेशन रोड पुलिस ने साईप्रकाश प्रोपर्टी डवलेपमेंट लिमिटेड कंपनी के संचालक पुष्पेंद्र सिंह को भोपाल जेल से ट्रांजिस्ट रिमांड पर न्यायाल से गुरुवार को लिया है। रतलाम न्यायाल ने आरोपी ठगी संचालक को दो दिन के रिमांड पर पुछताछ के लिए पुलिस को सौंपने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक के पास साईप्रकाश प्रोपर्टी डवलेपमेंट लिमिटेड कंपनी की धोखाधड़ी की शिकायत पहुंचने पर जांच के बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने कंपनी के छह संचालक पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस को संचालकों की गिरफ्तारी के लिए उनकी तलाश लंबे समय से थी।
एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि रतलाम सेजावता निवासी प्रहलाद उपाध्याय पिता शांतिलाल उपाध्याय, उज्जैन बडऩगर निवासी हनुमान सिंह पिता लल्लू सिंह सिसौदिया व तोलाराम पिता रामेश्वर प्रजापति ने एसपी को आवेदन देकर साई प्रकाश प्रोपर्टी डेवलपमेंट लिमिटेड की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। एसपी ने स्टेशन थाना प्रभारी अजय सारवान को मामले की जांच सौंपी थी। जिसकी जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कंपनी के संचालक शहडोल सेमरवाया निवासी पुष्पेंद्र सिंह बघेल पिता कृष्णप्रताप सिंह बघेल, उनकी पत्नी पुष्पाजंलि बघेल, भाई रणविजय सिहं, धीरेंद्र सिंह, मगेंद्र सिंह और शैलेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी में प्रकरण दर्ज किया है। यूं की धोखाधड़ी पुलिस की जांच में सामने आया है कि कंपनी के संचालकों ने रतलाम शहर के मध्य मित्र निवास रोड रंगोली गार्डन के पास कार्यालय खोल रखा था। कंपनी के लोग साढे पांच साल में दोगुना एवं छह वर्ष से सात वर्ष में ढाई से तीन गुना राशि वापस देने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी कर अनेको लोगों से एफडीया कराई। जब लोगों की एफडीयों का समय पूरा होने लगा तो जमा राशि नहीं लौटाई और राशि लेकर ऑफिस बंद कर भाग गए। यूं हुआ लोगों को विश्वासशहर के बीचों-बीच कार्यालय खोला, लोगो को निवेश करने के लिए विश्वास दिलाया। इंदौर देपालपुर के भारत चौधरी एवं धार निवासी नारायण सिंह सिसौदिया ने यहां पर कार्यशाला लगाकर कंपनी का विश्वास जमाया। सालभर तक लगातार आरडी की रकम ब्याज सहित वापस लौटाई। तीन गुना रकम कुछ लोगों को भी लौटाई। रिश्तेदारों के जरिए जिले से दूसरे जिले में विश्वास जमाया। धीरे-धीरे कर सब जगह जड़े ताले कंपनी ने लोगों की करोड़ो रुपए की रकम हड़प कर मुख्यालय सी 77 सेक्टर नोएडा यूपी एवं रायल चंद्र रोड जयपुर राजस्थान एवं रिजनल कार्यालय द्वारकाधाम जेल रोड भोपाल पर भी ताला जड़ दिया और भूमिगत हो गए हैं। कंपनी के मुख्य संचालक पर भोपाल में भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया था। जहां संचालक की गिफ्तारी पुलिस ने कर ली थी। वहां से उसे भोपाल जेल हो जाने पर रतलाम पुलिस ने
जेल कस्टैड़ी न्यायालय में आवेदन देकर गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से ठगी की रकम वसूल करने का प्रयास करेगी। वहीं उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ करेगी।