महू-नीमच रोड स्थित कृषि उपज मंडी में व्यापारियों और किसानों के आए दिन विवाद के मामले सामने आने लगे हैं। गुरुवार को भी व्यापारियों ने एक किसान की उपज में उपज में कमी पेशी होने पर पहले तो ढाला खुलवाया फिर पूरी ट्राली का ढेर लगवा दिया और इसके बाद कहा कि यह माल किसान का नहीं है व्यापारी है। जिसका माल है उसे बुलाओ और व्यापारियों ने नीलाम आगे बढ़ा दिया। मौके पर किसान का माल लेकर आए भरतलाल ने बताया कि बोदिना के किसान का माल है और मैं लेकर आया हूं। नहीं मानने पर वाहन चालक ने बोदिना से किसान समरथ पाटीदार को बुलाया, पाटीदार ने आते ही मंडी कार्यालय जाकर व्यापारियों के रवैया की शिकायत की, जिस पर कर्मचारियों ने समझाइश देकर दोपहर बाद सबसे उसकी उपज नीलामी आश्वासन दिया।
किसान ने कहां जहां नीलाम वहीं पर तौल करें, व्यापारी नहीं माने
दोपहर बाद उक्त किसान के गेहूं की नीलामी शुरू की गई, नीलामी के बाद किसान ने कहा कि मैं मंडी में नीलामी हुई है तो मंडी में ही तौल करके मुझे यहीं पर भुगतान करना होगा। इस पर कई व्यापारियों ने कहा कि तौल के लिए तो गोदाम पर ही जाना होगा। नियम कायदा मत बताओ, नीलाम करनी की मगजमारी करना है, व्यापारी नहीं माने तो मजबूरीवश किसान को ही मानना पड़ा और उपज भर कर गोदाम तक ले जाने के लिए हामी भर, तब जाकर उपज नीलामी हुई। इस दौरान मंडी सहायक सचिव एसएम गोयल, मंडी प्रांगण प्रभारी प्रकाशचंद्र धानक, अमरसिंह गेहलोत आदि कर्मचारी भी नीलामी में उपस्थित थे।
ट्राली खाली करवाकर नीलाम नहीं की…
किसान समरथ पाटीदार ने बताया कि मेरी 23 नंबर पर ट्राली का था, लेकिन 170 ट्राली नीलाम कर दी, मेरी छोड़ दी। मंडी में व्यापारी मनमानी करते है। मैने भाड़े से वाहन में उपज मंडी पहुंचाई थी। व्यापारियों ने ढाला खुलवाया, फिर पूरी ट्राली खाली करवा दी, इसके बाद भी नीलाम नहीं कर आगे बढ़ गए। मैने मंडी कार्यालय में अधिकारियों से शिकायत की थी। जिसके बाद दोपहर में सबसे पहले मैरी ट्राली नीलाम की गई।
इनका कहना…
गेहूं में हलका-पतला माल होने के कारण व्यापारियों ने ढाला खुलवाया फिर पूरी ट्राली खाली करवाई थी। इतने में नीलामी आगे बढ़ गई। दोपहर बाद सबसे पहले उक्त किसान की उपज नीलाम करवाई गई।
प्रकाशचंद्र धानक, प्रांगण प्रभारी, कृषि उपज मंडी रतलाम