गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को देखते हुए मंडी समिति ने छह माह पहले परिसर में ट्यूबवैल खनन कराया। उसमें पानी भी भरपूर निकला, लेकिन छह माह हो गए मोटर नहीं डाली गई। हालात यह है कि नवीन ट्यूबवैल पर ढक्कन लगाकर, 15-20 दिनों से हर दिन 2-3 टैंकर पानी खरीदकर बुलवाया जा रहा है। अप्रैल का अंतिम सप्ताह शुरू होने वाला है, तीन साल से आश्वासन पर आ रहे ठंडे पानी के वाटर कूलर भी अब तक मंडी परिसर में नहीं पहुंचे हैं। हम बात कर रहे है महू-नीमच रोड स्थित कृषि उपज मंडी की। जहां अब भी टैंकर के पानी से किसान, व्यापारी और हम्मालों की प्यास बुझाई जा रही है। सुविधाघरों में तो पानी मिलता ही नहीं है।