
panna jila me 12 ummidwaro ko nota se bhi kam mile vote
रतलाम। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में रतलाम क्षेत्र की 12 विधानसभा सीट पर वर्ष 2013 के चुनाव में प्रत्याशियों को तो वोट मिले, लेकिन नोटा का उपयोग भी हुआ। ये उपयोग भी सैकड़ों में नहीं, बल्कि हजारों मतदाताओं ने किया। अगर सबसे अधिक नोटा के क्रम को 2013 के विधानसभा चुनाव में देखें तो पहले नंबर पर रतलाम जिले की आरक्षित सीट सैलाना के मतदाता, दूसरे नंबर पर नीमच जिले के जावद व तीसरे नंबर पर मंदसौर जिले का गरोठ एेसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां तीन हजार से अधिक मतदाताओं ने प्रमुख दल के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा का बटन दबाया है।
नोटा का उपयोग तब होता है जब मतदाता को किसी दल के साथ-साथ जो निर्दलीय प्रत्याशी खडे़ हुए वे पसंद नहीं आते है। एेसे में मतदाता विभिन्न बटन में से नोटा याने इनमे से कोई नहीं बटन का उपयोग करता है। रतलाम क्षेत्र की 12 विधानसभा सीट में से सैलाना में हुए मतदान में से 3.22 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया था। इसी प्रकार प्रतिशत में दूसरे नंबर पर 2.75 प्रतिशत जावद व तीसरे नंबर पर 2.05 गरोठ रहा था।
प्रतिशत में ग्रामीण आगे
नोटा में वोट के मामले में भले गरोठ 3331 की संख्या के साथ क्षेत्र में दूसरे नंबर पर पिछले चुनाव में रहा था, लेकिन प्रतिशत के मान से देखें तो गरोठ 2.05 प्रतिशत नोटा में वोट गिरे तो इससे अधिक प्रतिशत रतलाम ग्रामीण विधानसभा में ये 2.15 प्रतिशत था, जबकि यहां नोटा में वोट 2971 हजार गए। इसी प्रकार सुवासरा में 3014 हजार वोट नोटा में गए, लेकिन प्रतिशत में ये 1.80 ही रहा।
5 से कम कही नहीं
2013 के चुनाव की बड़ी बात ये थी कि सबसे कम प्रत्याशी कुल 5 रतलाम ग्रामीण विधानसभा सीट पर थे, जबकि सबसे अधिक प्रत्याशी मंदसौर व रतलाम शहर में 15-15 थे। नीमच शहर में 9, जावद में 8, मनासा में 7, गरोठ में 10, सुवासरा में 8, मल्हारगढ़ में 9, आलोट में 9, जावरा में 7, सैलाना में 8 प्रत्याशी मैदान में थे।
एेसे समझे क्षेत्र की विधानसभा को
विधानसभा कुल नोटा में आए वोट
नीमच 2311
जावद 3464
मनासा 2449
मंदसौर 1908
गरोठ 3331
मल्हारगढ़ 2140
आलोट 2545
जावरा 1953
सैलाना 4588
रतलाम ग्रामीण 2971
रतलाम शहर 1477

Published on:
17 Oct 2018 11:24 am
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