रतलाम. फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले को 15 हजार रुपए प्रतिमाह का लालच देकर उसके दस्तावेजों से खाता खुलवाकर करोड़ों का लेन-देन करने के बड़े मामले का पुलिस को बड़ी लिंक मिली है। इसके अनुसार राशि अलग-अलग खातों से होती हुई गुजरात के दो खातों में पहुंच रही थी। पुलिस उस तक पहुंचने के लिए दस्तावेज जुटाने में लगी है। दूसरी तरफ पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार इनके कार्यालय का पंचनामा बनाकर सील कर दिया है। अब तक इस गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
40 से 50 कंपनियां
इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में इस गिरोह के तीन सदस्यों को भी गिरफ्तार किया था। चौथा आरोपी बद्रीविशाल भी गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के सदस्यों ने महज डेढ़ माह में ही रतलाम में खुलवाए खातों से 50 करोड़ का ट्रांजेक्शन कर लिया। रतलाम में लॉक किए खाते में अब भी 50 लाख रुपए जमा पड़े हैं। पुलिस विभिन्न राज्यों में अब तक 40 से 50 कंपनियों का पता चला है।
ये हैं आरोपी
मुंबई में कार्यालय चलाने वाले मैनेजर बद्रीविशाल को पुलिस पिछले दिनों गिरफ्तार कर लाई है। इससे पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके पहले तीन अन्य आरोपी तुलसीराम पिता गोपाललाल ओझा निवासी सदर बाजार सरेरी थाना आसिंद जिला भीलवाडा राजस्थान, योगेश पिता मदनलाल शर्मा निवासी आसिंद जिला भीलवाडा राजस्थान और सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, निवासी देवलिया थाना केकडी जिला अजमेर राजस्थान गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
यह है मामला
एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने पत्रकार वार्ता में बताया फरियादी सूरज पिता रामकिशोर चौरे निवासी इंदौर जो इस समय रतलाम में रहकर फास्ट फूड का ठेला लगाता है। उसकी मुलाकात तुलसीराम नाम के व्यक्ति से हुई थी। तुलसीराम ने सूरज को हर महीने 15 हजार रुपए देने का लालच दिया। इसके बदले में सूरज के नाम से बैंक खाता उसकी एक फर्म के नाम से खोलकर खाते की डिटेल्स, चेक बुक, खाते में दर्ज सिम तुलसीराम को दे दी। तुलसीराम ने सूरज को और भी लोगों के खाते खुलवाने पर पैसे देने का लालच देकर उसके नाम से एक दो खाते और खुलवाए। तुलसीराम ने सूरज को अन्य दो खाते के पैसे नहीं दिए। सूरज को पैसे नही मिलने पर वह बैंक में खाते बंद करवाने गया तो वहां उसे पता चला कि उसके एकाउंट से करोड़ों रुपए का लेन देन हो रहा है। उसके चेक पर किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर से यह लेनदेन किया जा रह है। फरियादी सूरज ने अपना बैंक खाता लॉक करने के लिए बैंक में आवेदन दे दिया।
डेढ़ माह में 50 करोड़ का ट्रांसजेशन कर दिया
औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी राजेंद्र वर्मा ने बताया प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्जी नाम से फर्म का खाता खुलवाने वाले आरोपियों ने महज डेढ़ माह में ही इन खातों में 50 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया है। रतलाम की बैंक में खाता सीज करने के बाद भी 50 लाख रुपए जमा पड़े हैं। अन्य शहरों में भी खाते खुले हुए हैं जिन्हें दूसरी एजेंसियां सीज कर चुकी है।