रतलाम माणकचौक की महालक्ष्मी का दरबार नोट-स्वर्ण आभूषण के अद्भूत शृंगार से विश्व प्रसिद्धी पा चुका है। रत्नपुरी की महालक्ष्मी मंदिर के गर्भगृह को अब माता भक्त की चांदी से सुसज्जित करेंगे। नवरात्र की एकम पर दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा। साथ ही नौ दिन तक माता मंदिर पर हवन किया जाएगा।
इसलिए विश्व प्रसिद्ध है मंदिर
रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में शासन अधीन दीपोत्सव के दौरान मंदिर की अलग की छटा रहती है। यहां विश्व के अलग-अलग कौने से लोग दर्शनार्थ पहुंचते हैं। माता मंदिर में अष्टमहालक्ष्मी के साथ प्राचीन समय से विराजमान मां सरस्वती और श्रीगणेश की प्रतिमा के भी दर्शन वंदन का लाभ लेंते है।
नौ वर्ष तक की बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन
माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर पर जन सहयोग से आयोजित धार्मिक आयोजन में माता भक्तों की नौ वर्ष तक की कन्याओं को पूजन के लिए आमंत्रित किया है। कन्या पूजन के लिए मंदिर में रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।
बैठक में ये हुए शामिल
इस संबंध में रतनपुरी माणकचौक जन कल्याण समिति की बैठक भी मंदिर आयोजित की गई। जिसमें नरेंद्रसिंह परिहार, अशोक भाणावत, रवि पगारिया, रणजीतसिंह सोलंकी, सुनिल सारस्वत, विशाल डांगी, मुकेश त्रिवेदी, श्याम पानवाला आदि शामिल थे।