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ज्यादा उम्र में नए रिश्ते अपनाना आसान नहीं

भारतीय आज भी शादी बच्चे पैदा करने के लिए करते हैं। आमतौर से 18-45 वर्ष के अविवाहित मेरे पास शादी से संबंधित समस्याएं लेकर आते हैं

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Amanpreet Kaur

Dec 03, 2017

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भारतीय आज भी शादी बच्चे पैदा करने के लिए करते हैं। आमतौर से 18-45 वर्ष के अविवाहित मेरे पास शादी से संबंधित समस्याएं लेकर आते हैं। मेरे हिसाब से शादी की सही उम्र 25 से 35 है। क्योंकि 35 के बाद व्यक्ति की पर्सनैलिटी फिक्स हो जाती है।

जल्दी शादी करने से आप नए रिश्ते के साथ खुद को ढालने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं। ससुराल के रूप में नया परिवार मिलता है, जिसके साथ सामंजस्य बैठाने में कम परेशानी होती है।
वहीं ज्यादा उम्र में अडजस्ट होना आसान नहीं होता। लिव-इन कपल और लव मैरिज करने वालों को एडजस्टमेंट में शायद दिक्कतें न आएं, लेकिन जब वो परिवार को बढ़ाना चाहते हैं, तब दिक्कतें आ सकती है। क्योंकि देरी से शादी होने की वजह से बच्चे देर से पैदा होंगे और बच्चों के साथ भी जनरेशन गैप की समस्या होगी।

विदेशियों की नकल करने लगे हैं भारतीय

पि छले कुछ वर्षों में शादी की उम्र में लगातार बदलाव दिख रहा है। पहले शादी 25 वर्ष में होती थी, फिर 30 में होने लगी, अब 35 से 40 वर्ष में भी लोग विवाह करने लगे हैं। देर से शादी करने की वजह से मर्दों की तुलना में महिलाओं को कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए डॉक्टरी हिसाब से 35 वर्ष के पहले शादी कर लेनी चाहिए।
भारतीय पश्चिमी देशों को फॉलो करने में लगे हैं। उन्हें समझना होगा कि विदेशियों और हमारे बायोलॉजिकल क्लॉक में काफी अंतर है। इसकी वजह आनुवांशिक होने के साथ खानपान और वातावरण है। यही वजह है कि विदेशी महिलाएं 40 से ज्यादा उम्र में भी बच्चे आसानी से पैदा कर सकती हैं, वहीं भारतीय उनसे सात से आठ साल पहले ही बच्चे पैदा करने में असमर्थ हो जाती हैं।
इसी तरह वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक भारतीय महिलाओं में मैनोपॉज की उम्र 47 है, वहीं विदेशी महिलाओं की 51-52 वर्ष है।

जब रिश्ते निभा सकें, वही सही उम्र

मालोंचो चक्रबर्ती, असोसिएट फैलो, आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, दिल्ली

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लडक़ों को बचपन से कुछ कर ले, पढ़ ले वरना कौन शादी करेगा कहकर पाला जाता है। वहीं लडक़ी केे लिए पैसे वाला वर ढूंढऩे की कोशिश होती है। शादी किस उम्र में की जाए, यह एक कठिन प्रश्न है। उम्र कोई जादुई नंबर नहीं है, जहां पहुंचते ही आपके जीवन में सब कुछ सही होगा, इसकी गारंटी हो। शादी तब करनी चाहिए, जब आप शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तौर पर एक नई जिम्मेदारी लेने और निभाने के लिए तैयार हों। शादी का पहलू हमेशा ही बड़ा खूबसूरत दिखता है। जहां बैंड-बाजा-बारात के साथ नए सपने बुने जाते हैं।
जल्दी शादी करने वाले को लगता है कि उसे कोई प्यार करने वाला मिल गया। कई बार लोग कॅरियर को भी नजरअंदाज कर शादी को प्राथमिकता के तौर पर चुनते हैं। लेकिन हकीकत में वह शादी तभी अच्छी चलेगी जब लडक़ी-लडक़े दोनों को रिश्ता हैंडिल करना आ जाए। वे इसके लिए कंफर्टेबल हों।

हम आज भी पितृसत्तात्मक समाज का हिस्सा हैं, जहां परिवार का मुखिया ही सारे अहम फैसले लेता है। आज वक्त काफी हद तक बदल गया है। मैंने कई ऐसे लोगों को देखा है, जिन्होंने 35 से 40 के बीच शादी की और आज खुश हैं। वहीं वैसे लोगों को भी देखा है, जिन्होंने सबकुछ छोड़ 22 की उम्र में शादी की और आज अच्छी जिंदगी जी रहे हैं।
समाज में इन उदाहरणों के उलट भी मैंने देखा है। इसलिए दूसरों के दवाब में आने की जगह काफी सोच-समझकर जिदंगी के इस फैसले को लेना चाहिए।