
family on summer vacations
स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां आ गई हैं और इसी के साथ बच्चों की धमाचौकड़ी शुरु हो गई है। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां बच्चों को अपने परिवार के साथ जुडऩे, विभिन्न गतिविधियों को करने व उनका आनंद उठाने और स्कूली सत्र के शुरू होने से पहले तरोताजा होने का मौका देती है। गर्मियों की छुट्टियां बच्चे किस तरह बिताएं, इसके लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं, जो उन्हें इन छुट्टियों को सदुपयोग करने के बारे में बताते हैं।
अपने पुराने दौर को जिंदा कीजिए
ऐसे अभिभावक जो सन् 80 या इसके पहले पैदा हुए हैं, उन्हें यह बातें याद भी होंगी और वे इससे खुद को जोडक़र देख भी पाएंगे। एक ऐसा भी समय था जब गर्मी की छुट्टियों का मतलब घंटों टीवी देखना, सेलफोन पर व्यस्त रहना और बे-सिरपैर की बातों में समय खपाना नहीं होता था। वह समय किताबों की दुनिया में खोने, इंटरेक्टिव आउटडोर गेम्स खेलने, दोस्तों (पत्र-मित्रों) को खत लिखने और ऐसी ही कई सारी बातों का हुआ करता था। कितना अच्छा हो अगर आप उन तमाम एक्टिविटीज को फिर से अपने बच्चों के लिए जिंदा कर दें और उन्हें पुराने स्कूल के दिनों की छुट्टियों का अनुभव लेने का मौका दें, वे तमाम एक्टिविटीज उनके लिए न केवल मजेदार साबित होंगी, बल्कि बहुत कुछ सीखने का मौका भी देंगी।
याद करें अपने खेलों से लगाव को
हम सभी 24 घंटे सातों दिन एसी द्वारा नियंत्रित महौल में रहने के आदि हो गए हैं लेकिन जरा याद कीजिये हम सभी ऐसे स्कूलों में पढक़र बड़े हुए हैं जहां एयरकंडीशनर जैसी कोई सुविधा नहीं हुआ करती थी, इसके बावजूद हमारी इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) आज के बच्चों की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत हुआ करती थी। कोई भी व्यक्ति भरी गर्म दुपहरी में अपने बच्चे को घर से बाहर पार्क में खेलने नहीं भेजना चाहेगा, लेकिन अगर आपका बच्चा केवल इनडोर एक्टिविटीज में ही व्यस्त रहेगा तो इस बात की आशंका रहेगी की वह समाज में घुल मिल न पाए।
प्रकृति की गोद में
बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाया जाए और उन्हें प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने में मदद की जाए। तकनीकी बाधाओं से दूर किसी नेचर कैम्प में बिताया गया एक हफ्ता बच्चों के मन में प्रकृति मां के लिए प्रेम का बीज बोने में बड़ी प्रेरणा का काम करेगा और उन्हें संतुलित व अच्छी जिंदगी जीने के लिए प्रकृति तथा पर्यावरण के महत्व को समझने का मौका भी देगा। नेचर कैम्प के अन्य फायदों में शामिल हैं। आराम करने, बांटने, खोजने और प्रकृति के बारे में ढेर सारी अद्भुत बातें सीखने के लिए मिलने वाला ढेर सारा समय, नेचर फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग और इकोफ्रेंडली माहौल का आनंद लेना। अपने बच्चे को प्रकृति के करीब लाने के लिए यही सबसे उपयुक्त समय है।
पढऩे के आनंद को फिर से पाएं
किताबों से अच्छा और सच्चा दोस्त और कोई नहीं होता। बच्चों में कम होती पढऩे की आदत दुनिया भर में चिंता का विषय है। पढऩे की आदत बच्चे की शिक्षा में केंद्रबिंदु की तरह होती है और यह बच्चे को स्कूल के बाद की जिंदगी के लिए तैयार होने का अवसर देती है। यह बच्चों को भावनात्मक तौर पर, सामाजिक तौर पर, बुद्धिमता के स्तर पर और सांस्कृतिक स्तर पर विकसित होने में मदद करती है।
दिमाग को तैयार करें
अगर आपका बच्चा 3-5 साल की उम्र का है, तो मैं जानती हूं कि आपके पास करने को बहुत कुछ है। इन प्यारे, नन्हे बदमाशों को किसी चीज में व्यस्त करना एक कठिन काम है। कोडिंग कोई रॉकेट साइंस नहीं है और आपका नन्हा शैतान खेल खेल में कोड सीख सकता है। ऐसे प्ले सेट्स बच्चों को प्रोग्रामिंग की दुनिया में कल्पनाशीलता और खोज के लिए प्रोत्साहित करते हैं और जेंडर-न्यूट्रल खेल उपलब्ध करवाते हैं जो बच्चे की रचनात्मकता, समीक्षात्मक विचार क्षमता, अंतरिक्ष संबंधी जागरूकता और कम्युनिकेशन स्किल में इजाफा करते हैं।
आज के डिजिटल युग में हम बच्चों को पूरी तरह स्क्रीन से अलग नहीं कर सकते, लेकिन हम यह कोशिश और सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका समय उत्पादकता से भरपूर हो जिसमें वे कुछ सही और सार्थक सीख सके। साथ ही ब्लॉक्स और विजुअलाइजिंग टूल्स की मदद से बच्चे को कोई भी विषय आसानी से सिखाया, पढ़ाया जा सकता है और स्क्रीन टाइम सर्वोत्तम तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
Published on:
06 Jun 2018 10:51 am
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