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Ganesh Chaturthi 2022: 30 और 31 अगस्त को इतने बजे से इतने बजे तक न देखें चंद्रमा, जानें वजह

Kalank Chaturthi 2022: पौराणिक मान्यताओं अनुसार इस दिन चन्द्र के दर्शन करने से मिथ्या दोष और मिथ्या कलंक लगता है।

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Ganesh Chaturthi 2022: 30 और 31 अगस्त को इतने बजे से इतने बजे तक न देखें चंद्रमा, जानें वजह

Kalank Chaturthi 2022 Moon Time: मान्यता है गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। क्योंकि इससे कलंक लगने का खतरा रहता है। बता दें इस बार गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को मनाई जा रही है। चतुर्थी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से हो जाएगी और इसकी समाप्ति 31 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर होगी। दोनों ही दिन चांद देखने से परहेज किया जाएगा। यहां आप जानेंगे चांद न देखने का समय और चन्द्र दर्शन दोष निवारण मन्त्र।

गणेश चतुर्थी पर क्यों नहीं देखा जाता चांद: पौराणिक मान्यताओं अनुसार इस दिन चन्द्र के दर्शन करने से मिथ्या दोष और मिथ्या कलंक लगता है। जिसकी वजह से चोरी का झूठा आरोप सहना पड़ता है। पौराणिक गाथाओं के अनुसार भगवान कृष्ण को भी गणेश चतुर्थी पर चांद के दर्शन करने का फल भुगतना पड़ा था। कृष्ण जी पर स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। झूठे आरोप में लिप्त भगवान कृष्ण की स्थिति देख के नारद ऋषि ने उन्हें इस दोष के बारे में बताया। उन्होंने कृष्ण जी से कहा कि आपने भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चन्द्रमा को देखा था जिसकी वजह से ये मिथ्या दोष का श्राप आप पर लगा है।

तब नारद ऋषि ने भगवान कृष्ण को बताया कि भगवान गणेश ने चन्द्र देव को श्राप दिया था कि जो व्यक्ति भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चन्द्र के दर्शन करेगा वो मिथ्या दोष से अभिशापित हो जायेगा और समाज में वो झूठे आरोप से कलंकित होगा। नारद ऋषि ने भगवान कृष्ण को मिथ्या दोष से मुक्ति के लिये गणेश चतुर्थी के व्रत को करने की सलाह दी।

मिथ्या दोष निवारण मन्त्र: नियमों के अनुसार सम्पूर्ण चतुर्थी तिथि के दौरान चन्द्र दर्शन निषेध होता है और इसी नियम के अनुसार चतुर्थी तिथि के चन्द्रास्त के पूर्व समाप्त होने के बाद भी, चतुर्थी तिथि में उदय हुए चन्द्रमा के दर्शन भी चंद्रास्त तक करने की मनाही होती है। लेकिन अगर भूल से गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्रमा के दर्शन हो जायें तो मिथ्या दोष से बचाव के लिये इस मन्त्र का जाप करना चाहिये -
सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥

30 और 31 अगस्त में चांद को कब नहीं देखना है?
30 अगस्त 2022 को 03:33 पी एम से 08:39 पी एम तक चंद्र दर्शन वर्जित है।
31 अगस्त 2022 को 09:26 ए एम से 09:10 पी एम तक चंद्र दर्शन वर्जित है।
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