
Gruru Nanak Jayanti 2017
Gruru Nanak Jayanti 2017 : गुरु नानक देव का आगमन पर्व यानी गुरु नानक जयंती शनिवार को गुलाबी नगरी में भक्तिभाव से मनाई जाएगी। इस मौके पर शहर में गुरु घर सजेंगे। गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार में रागी जत्थे शबद गायन से साध-संगत को निहाल करेंगे। श्रद्धालु गुरु ग्रन्थ साहिब के समक्ष मत्था टेककर भले की अरदास करेंगे। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर बरताया जाएगा। जयंती की पूर्व संध्या में गुरुद्वारें आकर्षक रोशनी से नहाए हुए नजर आए।
गुरुद्वारा राजापार्क में शनिवार को कार्यक्रमों की शुरुआत नितनेम से होगी। संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह ने बताया कि श्रद्धालु श्री गुरुग्रन्थ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर अरदास करेंगे। गुरू का लंगर अटूट बरताया जाएगा। मानसरोवर हीरा पथ स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में सुबह ९ बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे। गुरुद्वारा प्रधान एस.पी.सिंह ने बताया कि अमृतसर से आए पूर्व हैड ग्रंथी सिंह साहेब ज्ञानी जसविंदर सिंह कथा का वाचन करेंगे। गुरुद्वारा हीदा की मोरी में रविवार को गुरु जयंती मनाई जाएगी। शनिवार को रात्रि जागरण में यू.के. के भाई ओंकार सिंह आदिसाध संगत को निहाल करेंगे।
Gruru Nanak Jayanti 2017 : आकर्षक रोशनी से जगमगाता गुरुद्वारा हीदा की मोरी।
गुरुनानक जयंती के उपलक्ष्य में गुरुनानकपुरा स्थित गुरुगोबिंद सिंह पार्क में शुक्रवार को कीर्तन दीवान सजाया गया। अमृतसर से आए प्रचारक ज्ञानी जसविंदर सिंह शहूर ने गुरुनानक देव के जीवन से सम्बंधित घटनाओं के सम्बंध में जानकारी दी। हजूरी रागी जत्था भाई मस्तान सिंह शान्त ने शबद 'बाबा आखे हाजीया शुर्भि Ó तथा अन्य रागी जत्थों ने 'सतिगुरु नानक प्रगटिआ मिटी धुंध जग चानण होआÓ आदि का गायन कर संगत को निहाल किया। सरबत के भले की अरदास की।
गुरु नानक जयंती को गुरु नानक पर्व और प्रकाश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सिख धर्म के सबसे पहले गुरु का जन्म हुआ था। हिंदू पंचाग के अनुसार कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन ये पर्व मनाया जाता है। गुरु नानक जी ने ही सिख समुदाय की स्थापना की थी। उनके जन्मदिन को सभी सिख लोग धूमधाम से मनाते हैं। गुरु नानक जी का जन्म 548 वर्ष पहले 15 अप्रैल 1469 में तलवंडी में हुआ था।
Published on:
04 Nov 2017 09:39 am
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