1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Hanuman Jayanti 2026: माता सीता के छप्पन भोग भी नहीं भर पाए हनुमान जी का पेट, फिर इस एक पत्ते ने कर दिया कमाल, जानें अद्भुत कथा

Hanuman Jayanti 2026 Katha: हनुमान जयंती के खास मौके पर जानिए अंजनी पुत्र हनुमान जी से जुड़ी एक ऐसी रोचक कथा, जिससे उनकी अद्भुत लीलाओं का वर्णन होता है। आइए जानते हैं यह कथा।

2 min read
Google source verification

भारत

image

MEGHA ROY

Apr 01, 2026

hanuman, hanuman jayanti 2026,

हनुमान जी से जुड़ी कई अद्भुत और चमत्कारी कथा| Freepik

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी से जुड़ी कई अद्भुत और चमत्कारी कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें उनकी भक्ति और शक्ति का अनोखा वर्णन मिलता है। ऐसी ही एक कथा माता सीता और हनुमान जी से जुड़ी है, जो उनकी अपार भक्ति और अद्भुत लीला को दर्शाती है। कहा जाता है कि माता सीता ने हनुमान जी के लिए छप्पन भोग तैयार किए, लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। इसके बाद एक साधारण से पत्ते ने ऐसा चमत्कार किया, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। आइए जानते हैं इस अद्भुत कथा के पीछे छिपा रहस्य।

हनुमान जयंती का महत्व

हनुमान जयंती का पर्व भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और पूरी श्रद्धा से बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई भक्ति से साहस, शक्ति और संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है।

जब छप्पन भोग भी पड़ गए कम

एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तब एक दिन माता सीता ने हनुमान जी को भोजन के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रेम से छप्पन भोग और कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए।हनुमान जी ने भोजन शुरू किया और देखते ही देखते सारा भोग समाप्त कर दिया। माता सीता ने और भोजन बनवाया, लेकिन वह भी समाप्त हो गया। आश्चर्य की बात यह थी कि हनुमान जी की भूख फिर भी शांत नहीं हुई।जब महल के अन्न भंडार खाली होने लगे, तो माता सीता चिंतित हो उठीं। उन्हें समझ नहीं आया कि हनुमान जी की भूख कैसे शांत की जाए। तब उन्होंने भगवान राम से इसका उपाय पूछा।

तुलसी पत्र ने किया चमत्कार

भगवान राम के संकेत पर माता सीता ने एक तुलसी का पत्ता लिया और उस पर “राम” नाम लिख दिया। जैसे ही हनुमान जी ने वह तुलसी पत्र ग्रहण किया, उनकी भूख तुरंत शांत हो गई।इससे यह स्पष्ट हुआ कि हनुमान जी की भूख अन्न की नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के नाम और भक्ति की थी।

Hanuman ji Ke Priya Bhog: हनुमान जी को प्रिय भोग

  • बेसन के लड्डू
  • बूंदी या बूंदी लड्डू
  • गुड़ और चने
  • केले और अन्य फल
  • तुलसी

बड़ी खबरें

View All

धर्म और अध्यात्म

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग