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Hariyali Teej Kab Hai: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं हरियाली तीज पर जरूर करें यह काम, यह है इस दिन की खास प्रथा

सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज मनाई जाती है। यह तीज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का भी प्रतीक है। इस दिन महिलाएं माता पार्वती की पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं तो आइये जानते हैं कब है हरियाली तीज, तीज की प्रथा और क्या है इसका महत्व...

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Pravin Pandey

Jul 26, 2023

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हरियाली तीज व्रत 2023

सिंधारा प्रथा
परंपरा के अनुसार हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार करती हैं, नए वस्त्र विशेषतः हरी साड़ी में सजती हैं और पहला तीज मायके में ही रखने की परंपरा हैं। इस दौरान व्रत रहकर शंकर पार्वती की पूजा करती हैं। इस तीज पर गांव गिरांव में झूले डाले जाते हैं। इस समय महिलाएं तीज के गीत गाते हुए झूले का आनंद लेती हैं और त्योहार मनाती है। वहीं जो विवाहित महिलाएं ससुराल में हरियाली तीज व्रत रखती हैं, उनके लिए और ससुराल वालों के लिए मायके से उपहार भेजा जाता है। इसे सिंधारा कहा जाता है।


इस सिंधारा में मिठाई और श्रृंगार का सामान रहता है। इसमें मिठाई, घेवर, मेहंदी, चूड़ियां आदि वस्तुएं होती हैं। हरियाली तीज के दिन सिंधारा भेंट करने की प्रथा के कारण ही इसे सिंधारा तीज भी कहा जाता है। इसके अलावा इसे छोटी तीज और श्रावण तीज, कजरी तीज के नाम से भी पुकारा जाता है। जबकि हरियाली तीज के पंद्रह दिन बाद फिर आने वाली तीज को बड़ी तीज के नाम से जानते हैं। इस दिन सुहागिनें सूर्योदय से 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।

कब है हरियाली तीज
दृक पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष तृतीया की शुरुआत 18 अगस्त सुबह 11.31 बजे हो रही है और यह तिथि 20 अगस्त देर रात 1.49 बजे संपन्न हो रही है। इसलिए उदयातिथि में 19 अगस्त शनिवार को हरियाली तीज मनेगी। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं। 18 अगस्त को रात 8.28 बजे से 19 अगस्त रात 9.19 बजे तक सिद्ध योग बन रहा है।


वहीं अन्य पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष तृतीया यानी हरियाली तीज की शुरुआत 18 अगस्त रात 8.01 बजे से हो रही है और यह तिथि 19 अगस्त रात 10.19 बजे संपन्न हो रही है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त ये है..


सुबह का मुहूर्तः 19 अगस्त सुबह 07.47 से सुबह 09.22 तक
दोपहर का मुहूर्तः दोपहर 12.32 से दोपहर 02.07 बजे तक


शाम का मुहूर्तः शाम 06.52 बजे से रात 07.15 बजे तक
रात का मुहूर्तः 20 अगस्त को रात 12.10 बजे से 12.55 बजे तक

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हरियाली तीज पर दुर्लभ योग और महत्व
इसके अलावा हरियाली तीज पर बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग का संयोग भी बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन कन्या राशि में चंद्रमा, मंगल और शुक्र की युति से बन रहे त्रिग्रही योग के कारण व्रतियों को धन और करियर में लाभ मिलेगा। वहीं सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग की कृपा प्राप्त होगी। इस दिन बनने वाला सिद्ध योग से व्रती की पूजा, मंत्र आदि सिद्ध होंगे।

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए करें यह काम
श्रृंगार में हरा सामानः हरियाली तीज पर हरे रंग के अधिक से अधिक इस्तेमाल से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इसलिए हरियाली तीज पर स्त्रियों को हरे रंग की चूड़ियां, हरी साड़ी, मेहंदी लगाना चाहिए और इस दिन 16 श्रृंगार कर पूजा करनी चाहिए।


व्रतः इस दिन सुहागिनों और कुंवारी लड़कियों को सूर्योदय से पहले उठकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए और पूरे विधि विधान से गणेशजी, शंकरजी और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। फिर अगले दिन व्रत का पारण करना चाहिए। ये व्रत निर्जला रखा जाता है।


भोगः इस दिन 6 पूरी और 8 पुओं का भोग लगाकर बायना यानी जिस पात्र में श्रृंगार का सामान, मिठाई, दक्षिणा आदि सास जेठानी या ननद को देकर आशीर्वाद लिया जाता है।


झूले का महत्वः हरियाली तीज पर झूला झूलने की परंपरा है। इस दिन महिलाएं झूला झूलकर यह त्योहार मनाती हैं। इस दिन भगवान शंकर और पार्वती के लिए लोकगीत गाए जाते हैं।
तीन बुराइयों का त्यागः तीज पर तीन बुराइयों का त्याग करने की भी परंपरा है। इस दिन पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार, तीसरा परनिंदा जैसी बुराई को त्यागने का संकल्प लिया जाता है।