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देवगुरू को ऐसे करें प्रसन्न, चमका देंगे आपका कैरियर

नवग्रहों में गुरु (Guru) अर्थात बृहस्पति (Jupiter) ग्रह सबसे महत्वपूर्ण ग्रह हैं। बृहस्पति देवताओं के गुरु भी माने जाते हैं। कुंडली में बृहस्पति (Jupiter) या गुरु (Guru) ग्रह को वैवाहिक जीवन, धन और संतान का कारक माना जाता है। गुरुवार उनका प्रिय दिन है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) की पूजा- अर्चना से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं।

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बृहस्पति देवताओं के गुरु भी माने जाते हैं

नवग्रहों में गुरु (Guru) अर्थात बृहस्पति (Jupiter) ग्रह सबसे महत्वपूर्ण ग्रह हैं। बृहस्पति देवताओं के गुरु भी माने जाते हैं। कुंडली में बृहस्पति (Jupiter) या गुरु (Guru) ग्रह को वैवाहिक जीवन, धन और संतान का कारक माना जाता है। गुरुवार उनका प्रिय दिन है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) की पूजा- अर्चना से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं।

बृहस्पति ग्रह अर्थात गुरु नवग्रह में सबसे अधिक महत्वपूर्ण ग्रह हैं। बृहस्पति देव देवताओं के गुरु भी माने गए हैं। कुंडली में गुरु यानि बृहस्पति को मुख्यत: धन, संतान व वैवाहिक जीवन के साथ ही का कैरियर का भी कारक माना जाता है। इसके साथ ही जीवन में मिलनेवाले सुख के कारक भी बृहस्पति देव ही हैं।

गुरुवार उनका प्रिय दिन है। इस दिन खासतौर पर भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) की पूजा- अर्चना से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि कुंडली में विशेष रूप से गुरू की शुभ स्थिति बहुत जरूरी है। इसके अभाव में जातक को बहुत कष्ट या दुख सहने पड़ते हैं। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की विधिवत पूजा—अर्चना करने से दुख कम होने लगते हैं। धीरे—धीरे सुख की प्राप्ति होने लगती है।

कैरियर के लिहाज से कुंडली में बृहस्पति की शुभ स्थिति बहुत जरूरी है। यदि कुंडली में गुरु शुभ न हो, नीच हो, अस्त हो तो गुरुवार को बृहस्पति देव का आशीर्वाद प्राप्त करने के कुछ उपाय करने से लाभ मिलता है। इसके लिए गुरुवार को मंदिर में या किसी जरूरतमंद को चने की दाल दान करें। बृहस्पतिवार को धार्मिक पुस्तकों का दान करें। इससे भी बृहस्पति देव का आर्शीवाद मिलता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार बृहस्पति की प्रसन्नता के लिए माथे पर केसर का तिलक लगाना भी लाभदायक होगा। बृहस्पतिवार को पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर स्नान करें। इस दौरान "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते रहें। गुरुवार के दिन व्रत रखें और भगवान् विष्णु की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करें। बृहस्पतिवार के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें। इससे लाभ मिलेगा।

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