
शनि जयंती के दिन ये 5 राशियां करें ये 5 उपाय, शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से मिलेगी राहत
Shani Sade Sati And Shani Dhaiya Upay On Shani Jayanti 2022: अप्रैल में शनि ने करीब 30 साल बाद अपनी स्वराशि कुंभ में प्रवेश किया था। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या शुरू हो गई थी। वहीं मीन वालों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो गया था। इसके अलावा कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती के दूसरे चरण तो मकर वालों पर इसके आखिरी चरण की शुरुआत हो गई थी। इन पाचों राशियों के लिए शनि जयंती का दिन खास रहने वाला है। शनि जयंती इस बार 30 मई को पड़ रही है। जानिए इस दिन किन उपायों से शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या के बुरे प्रभावों से बचा सकता है।
पहला उपाय- शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र धारण कर शनि देव की पूजा अर्चना करें। हो सके तो व्रत रखें। व्रत रखने वाले लोगों को इस दिन फलाहार पर रहना चाहिए। आप चाहें तो सेंधा नमकर का उपयोग भी कर सकते हैं।
दूसरा उपाय- शनि जयंती के दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन शनि देव की चीजों जैसे काली उड़द दाल, काले कपड़े, काले तिल, सरसों का तेल, लोहा, काला कंबल, चमड़े के जूते आदि का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है इससे शनि की पीड़ा से काफी हद तक राहत मिल जाती है।
तीसरा उपाय- शनि जयंती के दिन भगवान हनुमान की पूरा अवश्य करें। साथ ही शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ भी करें। ऐसा करने से शनि दोष से राहत मिलने की मान्यता है।
चौथा उपाय- शनि जयंती के पावन अवसर पर सुंदरकांड का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है इससे कुंडली में शनि देवता से जुड़ी हर समस्या से राहत मिल जाती है।
पांचवां उपाय- किसी नदी या बहते पानी में शनि जयंती के दिन एक अखंड नारियल जरूर प्रवाहित करें। मान्यता है इससे आपके जीवन में सुख-शांति हमेशा के लिए बनी रहेगी।
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Published on:
29 May 2022 10:03 am
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