
नई दिल्ली। श्राप का दौर युगों से चलता आ रहा है जो आज के आधुनिक काल में भी व्याप्त है। शास्त्रों की मानें तो बड़ों के दुआएं ही नहीं बल्कि बद्दुआएं भी काफी असरदार होती हैं। इतना ही नहीं जब बड़े-बड़े देवी-देवता भी बड़ों के श्राप से नहीं बच सके तो हम इंसानों की क्या हैसियत है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक देव ऐसे भी रहें हैं कि जिन पर चोरी का आरोप लगा था। जिसकी वजह से उन्हें एक ऐसा श्राप दिया गया, जिसकी वजह से ही उन्हें आज भी चोर कहा जाता है।
शास्त्रों के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण को भी श्राप दिया गया था। जिसकी वजह से उन्हें चोरी के आरोपों को एक कलंक की तरह झेलना पड़ा। लेकिन भगवान श्री कृष्ण पर लगे चोरी के इस आरोप के पीछे एक बहुत ही बेहतरीन कहानी है। बता दें कि इसके पीछे भगवान गणेश द्वारा चंद्रमा को दिए श्राप से जुड़ी एक कथा है। और इस बात को पुराण में भी उल्लेखित किया गया है। चलिए अब आपको बताते हैं कि ये पूरा मामला था क्या। बता दें कि चंद्रलोक से भगवान गणेश को खाने का न्योता आया था। खाने के दौरान गणपति ने अपना सारा ध्यान लड्डू पर ही लगा रखा था।
पुराण के अनुसार गणपति ने पेट भर लड्डू खाया और घर के लिए भी कई सारे लड्डू लेकर जाने लगे थे। लेकिन लड्डुओं की संख्या इतनी ज़्यादा थी कि वे रास्ते में गिरने लगे। ये सब देखकर चंद्रमा की हंसी छूट गई। गणपति को चंद्रमा की हंसी नागवार लगी और उन्होंने चंद्रदेव को श्राप दिया कि जो भी उनकी ओर देखेगा उस पर चोरी का आरोप लगेगा। जिसके बाद चंद्रमा ने गणेश को बहुत मनाया था। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मुख से निकलने वाला श्राप वापस नहीं लिया जा सकता था।
फिर द्वापर युग में एक बार गणेश चतुर्थी का पवित्र दिन था। भगवान श्रीकृष्ण अपने घर पर थे, लिहाज़ा उनकी नज़रें चंद्र पर जा पड़ी। तभी से भगवान श्री कृष्ण पर चोरी का आरोप लगा। इसलिए उन्हें माखनचोर भी कहा जाता है।
Published on:
01 Feb 2018 06:22 pm
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