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Maha Ashtami 2026: मां महागौरी की पूजा से बदल सकती है किस्मत! जानें घर पर कैसे करें पूजा

Maha Ashtami 2026: महाअष्टमी 2026 पर मां महागौरी की पूजा कैसे करें? जानें संपूर्ण पूजा विधि, आवश्यक सामग्री, शक्तिशाली मंत्र, भोग और कन्या पूजन का महत्व। सुख-समृद्धि और विवाह में बाधा दूर करने के आसान उपाय।

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भारत

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Manoj Vashisth

Mar 25, 2026

Maha Ashtami 2026

महाअष्टमी 2026: मां महागौरी पूजा विधि, मंत्र, भोग और महत्व | Navratri Ashtami Guide (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Maha Ashtami 2026: नवरात्रि का आठवां दिन यानी महाअष्टमी, देवी दुर्गा के सबसे शांत और ममतामयी स्वरूप मां महागौरी (Mahagauri Puja) को समर्पित है। माना जाता है कि इनकी पूजा से न केवल पिछले पाप धुल जाते हैं, बल्कि वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। अगर आप भी इस अष्टमी मां को प्रसन्न कर अपनी झोली खुशियों से भरना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।

क्यों खास है मां महागौरी का स्वरूप? | Maha Ashtami 2026

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी, जिससे उनका शरीर काला पड़ गया था। जब भोलेनाथ ने गंगाजल से उन्हें स्नान कराया, तो वे विद्युत के समान अत्यंत कांतिवान और श्वेत हो गईं। तभी से उन्हें 'महागौरी' कहा जाने लगा। सफेद वस्त्र और वृषभ (बैल) की सवारी करने वाली मां शांति और करुणा की प्रतिमूर्ति हैं।

पूजन के लिए जरूरी सामग्री (Checklist)

पूजा शुरू करने से पहले इन चीजों को एक जगह एकत्रित कर लें:
तस्वीर/मूर्ति: मां महागौरी की प्रतिमा।
वस्त्र: मां के लिए लाल या सफेद चुनरी और चौकी पर बिछाने के लिए साफ कपड़ा।
कलश स्थापना: तांबे या मिट्टी का कलश, नारियल, आम के पत्ते, सिक्का और सुपारी।
शृंगार: कुमकुम, चंदन, अक्षत (हल्दी मिले चावल) और मोगरे या चमेली के फूल।
भोग: नारियल, हलवा-पूरी, काले चने और पंचामृत।

घर पर कैसे करें सटीक पूजा विधि?

शुद्धि: सुबह जल्दी स्नान कर सफेद या लाल रंग के साफ वस्त्र पहनें। पूरे घर और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें।
स्थापना: चौकी पर माता की फोटो रखें। मिट्टी के पात्र में सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज) बोएं।
कलश पूजन: कलश में जल, सुपारी और सिक्का डालकर उस पर आम के पत्ते और नारियल रखें।
अर्पण: मां को तिलक लगाएं, चुनरी चढ़ाएं और धूप-दीप जलाएं। मोगरे के फूल मां को बेहद प्रिय हैं, उन्हें जरूर अर्पित करें।
विशेष भोग: अष्टमी के दिन मां को नारियल या उससे बनी मिठाई का भोग लगाना श्रेष्ठ माना जाता है। साथ ही काले चने और सूजी का हलवा बांटना परंपरा है।
संकल्प और ध्यान: हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना दोहराएं और मां का ध्यान करें।

शक्तिशाली मंत्र: जो बदल देंगे आपकी किस्मत

पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप मानसिक शांति और सौभाग्य प्रदान करता है:
ध्यान मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

(अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में महागौरी के रूप में स्थित हैं, उन्हें मेरा बार-बार प्रणाम।)
बीज मंत्र (विवाह और सुख के लिए):
ॐ ह्रीं श्रीं ग्लौं गं गौरी गीं नमः
(यह मंत्र वैवाहिक बाधाओं को दूर करने और परिवार में तालमेल बिठाने के लिए अचूक माना जाता है।)

भारत के प्रसिद्ध महागौरी मंदिर

यदि आप इस अष्टमी यात्रा का मन बना रहे हैं, तो इन प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं:
वाराणसी (यूपी): काशी के विश्वनाथ गली में स्थित महागौरी मंदिर अत्यंत प्राचीन है।
लुधियाना (पंजाब): यहाँ का श्री महागौरी माता मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।
हरिद्वार (उत्तराखंड): बिल्व पर्वत पर स्थित मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है।
विशेष टिप: अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेना मां की पूजा को पूर्ण बनाता है।