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Mysterious Temples: कामाख्या देवी के अलावा ये 4 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर लाते ही शुरू हो सकता है मुसीबतों का तूफान

Most Mysterious Temples in India: भारत आस्था और परंपराओं का देश है, जहां हर मंदिर की अपनी अलग मान्यता और रहस्य छिपा होता है। कुछ ऐसे भी मंदिर हैं, जहां प्रसाद को घर ले जाना शुभ नहीं बल्कि अशुभ माना जाता है। इन स्थानों से जुड़ी मान्यताएं सदियों पुरानी हैं और आज भी श्रद्धालु उनका पालन करते हैं।

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भारत

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MEGHA ROY

Apr 12, 2026

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रहस्यमयी मंदिर जहां प्रसाद लाना माना जाता है अपशकुन|Freepik

Mysterious Temples in India: भारत आस्था और रहस्यों का देश है, जहां हर मंदिर अपने भीतर कोई न कोई अनकही कहानी समेटे हुए है। आमतौर पर मंदिर से लाया गया प्रसाद शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां यही परंपरा उलटी पड़ सकती है। मान्यता है कि इन खास मंदिरों का प्रसाद घर लाना दुर्भाग्य को न्योता देने जैसा होता है। यही वजह है कि इन रहस्यमयी मंदिरों को लेकर लोगों में आज भी डर और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

कामाख्या देवी मंदिर, असम

तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले इस मंदिर में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। खास दिनों में यहां का प्रसाद ग्रहण करना पूरी तरह वर्जित होता है। मान्यता है कि नियमों का उल्लंघन अशुभ परिणाम ला सकता है।

कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कर्नाटक

यह मंदिर अपनी अनोखी पहचान के लिए प्रसिद्ध है, जहां एक करोड़ शिवलिंग स्थापित हैं। यहां चढ़ाया गया प्रसाद भगवान शिव के गण ‘चंडेश्वर’ को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस प्रसाद को ग्रहण करना या घर ले जाना उचित नहीं होता, क्योंकि यह मनुष्यों के लिए नहीं बल्कि देव गणों के लिए होता है।

नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

51 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यहां प्रसाद को मंदिर परिसर के अंदर ही ग्रहण करने की परंपरा है। ऐसा कहा जाता है कि यदि कोई इसे बाहर ले जाता है, तो उसे जीवन में बाधाओं और कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

काल भैरव मंदिर, उज्जैन

यह मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है, जहां भगवान भैरव को शराब का भोग लगाया जाता है। यह प्रसाद केवल भगवान को अर्पित करने के लिए होता है। भक्तों के लिए इसे छूना या घर ले जाना वर्जित माना गया है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान

यह मंदिर नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रसिद्ध है। यहां चढ़ाया गया प्रसाद भक्तों को वहीं छोड़ना होता है। इसे घर ले जाना तो दूर, मंदिर से बाहर निकलते समय पीछे मुड़कर देखना भी मना है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।