
नई दिल्ली। ये नया साल आपके लिए एक और खुशखबरी ला रहा है और वो ये है कि नये साल में वैष्णो देवी मंदिर का दर्शन करने के लिए अब भक्तों को सीधी चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। जी हां वैष्णो देवी मंदिर में हर साल लाखों की तादात में श्रद्धालु पहुंचते है और मां का दर्शन करते हैं। लेकिन इसमें अब तक श्रद्धालुओं को मंदिर तक जाने के लिए सीधी चढ़ाई करनी पड़ती थी जिसमें अकसर बुज़ुर्गो और बच्चों या फिर महिलाओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा क्योंकि अब मंदिर परिसर तक जाने के लिए रोपवे की व्यवस्था की जाएगी।
इस साल मार्च-अप्रैल के महीने से भक्त माता के दरबार से रोपवे के माध्यम से सीधे भैरो घाटी मंदिर तक पहुंच सकेंगे। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त सीइओ अंशुल गर्ग का इस बारे में कहना है कि भवन के पास रोपवे निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। रोपवे की मदद से ही प्रति घंटे में करीब आठ सौ यात्रियों को मंदिर तक ले जाया सकेगा। इस रोपवे की मदद से 40 से 45 यात्री एक ही बार में केवल चार मिनट में ही मंदिर तक पहुंच जाएंगे। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा से बाणगंगा,चरणपादुका,अद्र्धकुवांरी,हिमकोटि,सांझीछत से होकर समुद्र तल से करीब 5200 मीटर की ऊ ंचाई पर स्थित वैष्णो देवी भवन में पहुंचते है।
ये सफर कुल 13 किलोमीटर का रहता है। इसमें 6 किलोमीटर का रास्ता अद्र्धकुवांरी से नए ट्रैक से अधिकतर यात्री भवन तक जाते हैं लेकिन अधिकतर श्रद्धालु पुराने ट्रैक से हाथी मत्था की चढ़ाई करके भवन तक पहुंचते है। इसके बाद भवन से तीन किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद भैरानाथ के मंदिर को जाते हैं। इस पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को काफी थकावट का सामना करना पड़ता है लेकिन रोपवे के निर्माण से ये यात्रा काफी सहज हो जाएगी और यात्रियों को कठिनाई भी नहीं होगी।
Published on:
07 Jan 2018 12:17 pm
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