14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Shadi Ke Shubh Muhurat 2026 :15 अप्रैल से 14 मई तक 16 शुभ विवाह मुहूर्त, अप्रैल से दिसंबर तक पूरी डेट लिस्ट यहां देखें

Shadi Ke Shubh Muhurat 2026 : खरमास समाप्त हो चुका है और 15 अप्रैल से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। अप्रैल से दिसंबर 2026 तक सभी विवाह तिथियों, मलमास और चातुर्मास की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Apr 14, 2026

Shadi Ke Shubh Muhurat 2026

Shadi Ke Shubh Muhurat 2026 : 15 अप्रैल 2026 से शादी के मुहूर्त कौन-कौन से हैं (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Shadi Ke Shubh Muhurat 2026 : भारतीय परंपराओं में शादी-ब्याह का समय सिर्फ कैलेंडर से नहीं, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों से तय होता है। लंबे इंतजार के बाद अब वह पल आ गया है जिसका हर परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था खरमास समाप्त हो चुका है, और 15 अप्रैल से एक बार फिर शुभ कार्यों की शुरुआत होने जा रही है।

क्या है खरमास और क्यों लगता है रोक?

खरमास तब शुरू होता है जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। इस बार यह अवधि 14 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रही।

ज्योतिष के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 11:45 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा, जो उसकी उच्च राशि मानी जाती है। जैसे ही यह बदलाव होगा, शुभ कार्यों के लिए रास्ते खुल जाएंगे।

(वीडियो सोर्स : The Rudra Astrolog

15 अप्रैल से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू

खरमास खत्म होते ही शादी का सीजन जोर पकड़ लेगा। 15 अप्रैल से 14 मई के बीच कुल 16 शुभ विवाह तिथियां उपलब्ध हैं। इस दौरान बाजारों में रौनक, बैंड-बाजों की आवाज़ और खुशियों की बहार देखने को मिलेगी।

अप्रैल की शुभ तिथियां:
15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29

मई की शुभ तिथियां:
1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14

फिर लगेगा ब्रेक: ज्येष्ठ मलमास का असर

17 मई से 15 जून तक एक बार फिर शादियों पर ब्रेक लग जाएगा। इस दौरान ज्येष्ठ मलमास (अधिक मास) रहेगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।

दिलचस्प बात:

मलमास हर 32 महीने में आता है, ताकि चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच संतुलन बना रहे। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।

जून-जुलाई में फिर बजेगी शहनाई

मलमास खत्म होने के बाद 21 जून से 12 जुलाई के बीच फिर से शादी के लिए 12 शुभ मुहूर्त मिलेंगे।

जून की तिथियां:
21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29

जुलाई की तिथियां:
1, 6, 7, 11, 12

चातुर्मास: चार महीने का विराम

25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा, जो चार महीने तक चलता है। इस दौरान भी विवाह और बड़े आयोजन नहीं किए जाते। यह समय आध्यात्म और साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

साल के अंत में फिर मौका

अगर आप बीच में तारीख मिस कर दें, तो चिंता नहीं! नवंबर और दिसंबर में फिर से शानदार मुहूर्त मिलेंगे

नवंबर: 21, 24, 25, 26
दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6

थोड़ा और जानिए: क्यों जरूरी है शुभ मुहूर्त?

भारतीय संस्कृति में शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन है। इसलिए ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ध्यान में रखकर मुहूर्त तय किया जाता है, ताकि वैवाहिक जीवन सुखमय और संतुलित रहे। आजकल भले ही लोग अपनी सुविधा के अनुसार तारीख तय करने लगे हैं, लेकिन ज्योतिषीय मान्यताओं का महत्व अभी भी बरकरार है, खासकर पारंपरिक परिवारों में।